आसमान में कैसे ना उड़ा जाए, ये कोई पाकिस्तान की सरकारी हवाई सेवा से सीखे. पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की एक बार फिर दुनिया भर में किरकिरी हुई है. एयरलाइंस के पायलट ने पूरे क्रू को कॉकपिट से निकाल दिया ताकि वो एक चीनी मुसाफिर को वहां बिठा सके.
क्या है वाकया?
मेहमाननवाजी हवाई सेवाओं के कारोबार के लिए जरूरी है. लेकिन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के एक पायलट ने इसके लिए नियमों को ही नहीं, मुसाफिरों की सुरक्षा को भी अंगूठा दिखा दिया. पिछले दिनों फ्लाइट संख्या PK-853 टोक्यो से बीजिंग जा रही थी. विमान के पायलट ने रास्ते में अपने क्रू सदस्यों को कॉकपिट से बाहर जाने का फरमान सुना दिया. ऐसा सिर्फ इसलिए किया ताकि वो एक चीनी महिला मुसाफिर के साथ कॉकपिट में वक्त बिता सके. इस पायलट ने ऐसा क्यों किया, इसकी वजह साफ नहीं है. लेकिन नियम साफ तौर पर कहते हैं कि कॉकपिट के भीतर कोई भी मुसाफिर नहीं जा सकता.
ये पहला मौका नहीं है जब किसी पाकिस्तानी पायलट ने ऐसा कारनामा किया हो. पिछले दिनों पीआईए के ही एक सीनियर पायलट को बिजनेस क्लास में आराम से सोते हुए पाया गया. इस्लामाबाद से लंदन जा रहे इस विमान की कमान उस वक्त एक ट्रेनी पायलट के हाथ में थी. इस विमान में 305 से ज्यादा मुसाफिर सवार थे. जब मामला मीडिया में उछला तो आमिर अख्तर हाशमी नाम के पायलट को उड़ान सेवाओं से हटा दिया गया.
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