किशनगंगा, रातले हाइड्रो प्रोजेक्ट बंद करे भारत: पाकिस्तान

विदेश और जल एवं ऊर्जा मामलों की समितियों ने वर्ल्ड बैंक से मसले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता कोर्ट बनाने की मांग दोहराई है. समितियों का मानना था कि सिंधु जल समझौते के तहत दोनों देशों के बीच जल विवाद सुलझाना वर्ल्ड बैंक की जिम्मेदारी है.

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पाक की संसदीय समितियों ने की हाइड्रो प्रोजेक्ट बंद करने की मांग पाक की संसदीय समितियों ने की हाइड्रो प्रोजेक्ट बंद करने की मांग

BHASHA

  • इस्लामाबाद/दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की बौखलाहट एक बार फिर सामने आई है. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की दो संसदीय समितियों ने भारत से किशनगंगा और रातले पनबिजली प्रोजेक्ट फौरन बंद करने को कहा है. पाकिस्तान में ऐसा कम ही होता है कि अलग-अलग संसदीय समितियां किसी मसले पर साझा प्रस्ताव जारी करें.

'विश्व बैंक दे दखल'
विदेश और जल एवं ऊर्जा मामलों की समितियों ने वर्ल्ड बैंक से मसले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता कोर्ट बनाने की मांग दोहराई है. समितियों का मानना था कि सिंधु जल समझौते के तहत दोनों देशों के बीच जल विवाद सुलझाना वर्ल्ड बैंक की जिम्मेदारी है. प्रस्ताव में कहा गया है कि मध्यस्थता कोर्ट बनने तक वर्ल्ड बैंक भारत को रातले डैम पर काम शुरू ना करने पर राजी करे.

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डॉन न्यूज के मुताबिक विदेश मामलों में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने कमेटियों को बताया कि अगर भारत जल समझौते को तोड़ता है तो पाकिस्तान के पास सभी विकल्प खुले हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वो इस मसले पर सियासत कर रहे हैं.

उरी हमले के बाद भारत में सिंधु जल समझौते पर सवाल उठे थे. मामले पर पीएम मोदी के तल्ख रुख के बाद पाकिस्तान मामले को वर्ल्ड बैंक लेकर गया था. हालांकि वर्ल्ड बैंक ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए सलाह दी थी कि दोनों देश आपस में विवाद सुलझाएं.

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