अजित डोभाल ने SCO में लिया हिस्सा, रूस के NSA के साथ दो घंटे की मीटिंग

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में चल रहे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने रूस के एनएसए के साथ दो घंटे से ज्यादा लंबी मीटिंग भी की.

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डोभाल ने ज्वॉइंट प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए. डोभाल ने ज्वॉइंट प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए.

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2021,
  • अपडेटेड 12:05 AM IST
  • ताजिकिस्तान में हो रही है मीटिंग
  • रूस के NSA से की मुलाकात

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में चल रहे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने रूस के एनएसए के साथ दो घंटे से ज्यादा लंबी मीटिंग भी की.

एससीओ की मीटिंग से इतर अजित डोभाल ने रूस के एनएसए निकोलई पैत्रुशेव के साथ 2 घंटे से ज्यादा लंबी मीटिंग की. दोनों के बीच द्विपीक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व को लेकर चर्चा हुई. इसके अलावा एनएसए अजित डोभाल ने एससीओ की मीटिंग में एक ज्वॉइंट प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए.

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इस मीटिंग में भारत के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गीस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के एनएसए भी शामिल हुए थे.

क्या है शंघाई सहयोग संगठन
शंघाई सहयोग संगठन यानी कि SCO के आठ सदस्य देश हैं. इसमें रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं. SCO अपने सदस्य देशों के बीच सामाजिक-आर्थिक सहयोग बढ़ाने की कोशिश करता रहा है. इसकी भूमिका 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद बनी थी. भारत 2017 में इस संगठन का पूर्णकालिक सदस्य बना था. इससे पहले उसकी भूमिका पर्यवेक्षक देश के तौर पर थी.

 

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