हिटमैन समझकर जिसे दी 1 लाख डॉलर की सुपारी, वह निकला अमेरिकी एजेंट, जानिए पन्नू केस में कैसे दोषी साबित हुआ निखिल गुप्ता

न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी नेता की हत्या की कथित साजिश मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में दोष स्वीकार कर लिया है. DEA की अंडरकवर कार्रवाई से साजिश नाकाम हुई. हत्या के लिए 1 लाख डॉलर तय हुए थे. 29 मई 2026 को सजा सुनाई जाएगी.

Advertisement
 न्यूयॉर्क कोर्ट में निखिल गुप्ता ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. (Photo-ITG) न्यूयॉर्क कोर्ट में निखिल गुप्ता ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:21 AM IST

अमेरिका के न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी नेता की हत्या की कथित साजिश मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने संघीय अदालत में दोष स्वीकार कर लिया है. अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक 54 वर्षीय गुप्ता ने ‘मर्डर-फॉर-हायर’, हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश जैसे गंभीर आरोपों में खुद को दोषी माना है. गुप्ता को अब 29 मई 2026 को सजा सुनाई जाएगी.

Advertisement

अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2023 में गुप्ता ने कथित तौर पर विदेशी खुफिया एजेंसी से जुड़े एक कर्मचारी विकास यादव के निर्देश पर न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक व सिख अलगाववादी विचारों के समर्थक वकील (गुरपतवंत सिंह पन्नू) की हत्या की योजना बनाई.

अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि गुप्ता ने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे वह अपराधी सहयोगी समझ रहा था, लेकिन वह अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी Drug Enforcement Administration (DEA) का गोपनीय स्रोत निकला. जिस ‘हिटमैन’ को हत्या के लिए नियुक्त किया जाना था, वह दरअसल DEA का अंडरकवर अधिकारी था.

खुफिया एजेंट को सहयोगी समझ बैठा था गुप्ता

अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, निखिल गुप्ता ने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे वह अपना आपराधिक सहयोगी समझ रहा था, लेकिन वह व्यक्ति असल में अमेरिकी जांच एजेंसी (DEA) का मुखबिर था. इस मुखबिर ने गुप्ता को एक कथित 'हिटमैन' से मिलवाया, जो असल में अंडरकवर DEA एजेंट था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: हत्या की साजिश और सुपारी... पन्नू मामले में निखिल गुप्ता पर अदालती कार्यवाही, जानें- कितनी हो सकती है सजा

अभियोजन पक्ष के मुताबिक हत्या के एवज में 1 लाख डॉलर देने पर सहमति बनी थी, जिसमें से 15 हजार डॉलर बतौर एडवांस पेमेंट दिए गए. गुप्ता ने कथित तौर पर लक्ष्य का पता, फोन नंबर, निगरानी तस्वीरें और गतिविधियों की जानकारी भी साझा की.

अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, गुप्ता ने निर्देश दिया था कि हत्या भारतीय प्रधानमंत्री की जून 2023 की अमेरिका यात्रा के दौरान न की जाए. यह मामला कनाडा में सिख नेता Hardeep Singh Nijjar की हत्या के संदर्भ में भी जुड़ा बताया गया है. 

अभियोजकों के अनुसार, निज्जर की हत्या के बाद गुप्ता ने कथित तौर पर संदेश में कहा था कि “अब इंतजार की जरूरत नहीं” और “हमारे पास कई लक्ष्य हैं.” गुप्ता को जून 2023 में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया. अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने कहा कि यह मामला अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ विदेशी साजिशों पर सख्त संदेश है.

किन धाराओं में कबूला गुनाह?

निखिल गुप्ता ने जिन तीन गंभीर धाराओं में अपना गुनाह कबूला है, अमेरिकी कानून के तहत उनमें सजा के कड़े प्रावधान हैं. हालांकि अंतिम फैसला न्यायाधीश द्वारा किया जाएगा, लेकिन कानूनन अधिकतम सजा की सीमा तय है.

Advertisement

- मर्डर-फॉर-हायर (Murder-for-hire): किसी की हत्या के लिए सुपारी देने का अपराध. इसमें अधिकतम 10 साल की कैद का प्रावधान है.

- मर्डर-फॉर-हायर की साजिश (Conspiracy to commit murder-for-hire): हत्या की सुपारी देने की योजना बनाना. इसमें भी अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है.

- मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश (Conspiracy to commit money laundering): अवैध धन के लेन-देन की साजिश. इसमें सबसे कड़ी सजा यानी अधिकतम 20 साल की कैद का प्रावधान है.

अमेरिकी अटॉर्नी मिस्टर क्लेटन ने इस हाई-प्रोफाइल साजिश को नाकाम करने के लिए DEA (ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) की न्यूयॉर्क टास्क फोर्स और FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) के काउंटर-इंटेलिजेंस डिवीजन की प्रशंसा की है. इस जांच में चेक गणराज्य के राष्ट्रीय ड्रग मुख्यालय, वियना और प्राग के दूतावास कार्यालयों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

यह भी पढ़ें: कौन है निखिल गुप्ता, जिस पर अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश रचने का लगाया आरोप

कौन है निखिल गुप्ता
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, 54 वर्षीय निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं.  2023 में अमेरिका और चेक रिपब्लिक के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत गुप्ता को चेक रिपब्लिक के अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किया गया. अमेरिकी न्याय विभाग की इस प्रेस विज्ञप्ति में एक कथित भारतीय सरकारी कर्मचारी को CC-1 के नाम से संबोधित किया गया है.

Advertisement

कहा गया है कि CC-1 भारत और अन्य जगहों पर निखिल गुप्ता सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर अमेरिकी धरती पर एक वकील और राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की साजिश रचने का काम कर रहा था.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement