डोमिनिकाः बेल के लिए HC जाएगा मेहुल चोकसी, एंटीगुआ से जबरन लाने की दी दलील

डोमिनिका में पकड़ाया पीएनबी घोटाले का आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर कर सकता है. मजिस्ट्रेट कोर्ट पहले ही उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. चोकसी के वकीलों का कहना है कि उसे जबरन एंटीगुआ से अगवा कर डोमिनिका लाया गया है.

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उसके वकीलों का कहना है कि उसे एंटीगुआ से जबरन उठाकर लाया गया है. (फाइल फोटो) उसके वकीलों का कहना है कि उसे एंटीगुआ से जबरन उठाकर लाया गया है. (फाइल फोटो)

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2021,
  • अपडेटेड 4:53 PM IST
  • डोमिनिका की जेल में है मेहुल चोकसी
  • मजिस्ट्रेट कोर्ट खारिज कर चुकी है बेल
  • वकीलों का कहना, उसे जबरन लाया गया

पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले का आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी डोमिनिका हाईकोर्ट में एक नई याचिका दाखिल करने की तैयारी में है. इंडिया टुडे को सूत्रों ने बताया है कि ये याचिका वो अपनी जमानत याचिका खारिज होने के खिलाफ दायर कर सकता है. उसकी जमानत याचिका डोमिनिका की मजिस्ट्रेट कोर्ट में खारिज हो चुकी है.

बताया जा रहा है कि चोकसी ये याचिका आज ही दायर कर सकता है जब हाईकोर्ट में उसके डिपोर्टेशन को लेकर सुनवाई होगी. 

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दरअसल, हाईकोर्ट में मेहुल चोकसी के डोमिनिका में अवैध एंट्री और उसे भारत को सौंपा जाए या नहीं, इन दो मसलों पर सुनवाई हो रही है. गुरुवार को भी वहां की कोर्ट में इस पर सुनवाई होनी है. इसी दौरान चोकसी की ओर से उसकी जमानत याचिका रद्द होने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है. 

बुधवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मेहुल चोकसी के बेल एप्लीकेशन को खारिज कर दिया था. सुनवाई के दौरान चोकसी ने दलील दी थी कि वो डोमिनिका में अवैध रूप से नहीं घुसा है, बल्कि उसे अगवा कर 23 मई को एंटीगुआ से यहां लाया गया है.

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मेहुल चोकसी के वकीलों ने तर्क दिया था कि पहले भी कई सारे लोगों को देश में गैरकानूनी रूप से आने पर जमानत दी जा चुकी है. वकीलों का कहना है कि देश में अवैध तरीके से घुसने पर ज्यादा से ज्यादा 10 हजार अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगता है. अदालत वो जुर्माना लेकर जमानत दे सकती है.

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हालांकि, सरकारी वकीलों का कहना है कि मेहुल चोकसी का डोमिनिका से कोई संबंध नहीं है, इसलिए जमानत मिलने पर वो देश से भाग सकता है. वकीलों ने ये भी कहा कि वो पहले कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है, जिस कारण इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया हुआ है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चोकसी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और 14 जून के लिए सुनवाई को टाल दिया था.

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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 23 मई की शाम को मेहुल चोकसी एंटीगुआ स्थित अपने घर से गायब हो गया था. उसके घर वालों ने उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. लेकिन चार दिन बाद 27 मई को मेहुल चोकसी डोमिनिका में पकड़ाया गया. बताया जा रहा है कि वो क्यूबा भागने की तैयारी में था, लेकिन रास्ते में ही पकड़ा गया. उसके बाद से ही वो डोमिनिका में है.

उस पर डोमिनिका में गैरकानूनी तरीके से घुसने का आरोप लगा है. वहीं, एंटीगुआ सरकार ने डोमिनिका से अनुरोध किया है कि वो मेहुल चोकसी को सीधे भारत को सौंप दे. इसी मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है.

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जनवरी 2018 में भाग गया था मेहुल चोकसी
जनवरी 2018 में पंजाब नेशनल बैंक में साढ़े 13 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ. इस मामले में 31 जनवरी 2018 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की. लेकिन उससे पहले ही मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी देश छोड़कर भाग चुके थे.

नीरव मोदी लंदन की जेल में है. जबकि, मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी. तब से ही दोनों के प्रत्यर्पण की कोशिश जारी है. ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है, लेकिन उसने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर दी है. वहीं, मेहुल चोकसी के भारत आने पर डोमिनिका की अदालत फैसला लेगी.

 

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