'इंडिया हमारा 911 कॉल...', भारत की तारीफ कर अपनी सरकार पर भड़कीं मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री

भारत और मालदीव के बीच जारी तनाव को लेकर मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद ने कहा है कि भारत मालदीव का ऐतिहासिक सहयोगी रहा है. उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा दोस्त रहा है जिसे मालदीव मुश्किल वक्त में सबसे पहले याद करता है.

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मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी (Photo- IndianNavy/X) मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी (Photo- IndianNavy/X)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 6:40 PM IST

मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मालदीव के नेताओं की अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है. सोमवार को उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां मालदीव सरकार की 'अदूरदर्शिता' को दिखाती हैं. मारिया ने कहा कि भारत मालदीव के लिए '911 कॉल' है जिसे किसी भी मुसीबत के समय मालदीव डायल करता है. पूर्व मंत्री ने कहा कि भारत एक विश्वसनीय सहयोगी रहा है जिसने मालदीव को रक्षा समेत कई क्षेत्रों में मदद की है. उन्होंने लंबे समय से चले रहे आ रहे रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश की निंदा की.

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समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मारिया अहमद ने कहा, 'यह वर्तमान सरकार की अदूरदर्शिता है... हम एक छोटा देश हैं जो सभी के मित्र हैं, लेकिन हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि हमारी सीमाएं भारत के साथ लगती हैं. हमारी सुरक्षा चिंताएं एक हैं. भारत ने हमेशा हमारी मदद की है. भारत रक्षा क्षेत्र में हमारी क्षमता विकसित करने, हमें रक्षा संबंधी उपकरण मुहैया कराने और हमें अधिक आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश में हमारी मदद कर रहा है.'

उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार का यह सोचना बेहद ही अदूरदर्शिता दिखाना है कि हम भारत के साथ सदियों से चले आ रहे रिश्तों को बरकरार रखने की कोशिश नहीं कर सकते.'

भारत मालदीव के लिए '911 कॉल'

भारत और मालदीव के बीच पिछले हफ्ते बड़ा विवाद पैदा हो गया जिसमें मालदीव की एक मंत्री, कैबिनेट सदस्यों और सरकारी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी.

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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लक्षद्वीप दौरे की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर भारतीयों से लक्षद्वीप घूमने का आह्वान किया था. लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले पीएम मोदी के पोस्ट पर मालदीव की मंत्री मरियम शिउना और अन्य तीन नेताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी की जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया.

मरियम शिउना ने इजरायल से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी की थी हालांकि, बाद में उसे डिलीट कर दिया. विवाद बढ़ता देख मालदीव की सरकार ने अपने नेताओं के बयानों से खुद को अलग कर लिया और उनकी आलोचना की. इसके कुछ समय बाद ही ऐसी खबरें आने लगीं कि मालदीव की सरकार ने मरियम शिउना समेत तीनों नेताओं को निलंबित कर दिया है.

इस विवाद के बीच मालदीव के पूर्व नेता और मंत्री भारत के साथ ऐतिहासिक रिश्तों को याद दिलाते हुए मुइज्जू सरकार की आलोचना कर रहे हैं.

'जब भी जरूरत पड़ी, भारत ने मदद की'

मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री ने भी मुइज्जू सरकार की ओलोचना करते हुए कहा, ' ...भारत हमारा 911 कॉल रहा है... जब भी हमें जरूरत होती है, हम भारत से मदद मांगते हैं भारत हमारी मदद के लिए आता है. भारत मालदीव का ऐसा दोस्त रहा है. जब आप एक दोस्त के बारे में ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां देखते हैं तो दुख होता है.'

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मालदीव भारत का अहम सहयोगी रहा है और वहां दशकों से ऐसी परंपरा चली आ रही है कि नया राष्ट्रपति पहला विदेश दौरा भारत का करता है. लेकिन राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के बजाए तुर्की, यूएई और फिर चीन जाना चुना है. चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू की सरकार के मंत्रियों की पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मालदीव की नीति 'इंडिया फर्स्ट' की रही है.

मारिया अहमद, 'मैं समझती हूं कि एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में हम अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को बनाए रखेंगे और मालदीव सरकार सभी के साथ दोस्त होने की अपनी पारंपरिक विदेश नीति को बरकरार रखेगी. हमेशा से ही हमारी नीति 'इंडिया फर्स्ट' की रही है और मुझे आशा है कि मुइज्जू सरकार इसे जारी रखेंगी.'

उन्होंने कहा कि आशा है कि मुइज्जू सरकार इस बात को ध्यान में रखेगी कि मालदीव के लोग इलाज के लिए भारत का ही रुख करते हैं.

भारत की मदद पर बात करते हुए मारिया अहमद ने कहा, 'हमारे पास मालदीव में कुछ बीमारियों का इलाज करने की सुविधा नहीं है, हम भारत जाते हैं. जब कोविड था तब भारत ने हमें कोविड वैक्सीन दी थी. दोनों देशों के बीच बहुत सहयोग रहा है. ऐसे में हमारे लिए यह सोचना भी संभव नहीं है कि कोई भारत की जगह ले सकता है.'

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