इजरायल-हमास की लड़ाई के बीच रूस ने हमास के एक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की है जिसे लेकर इजरायल भड़क गया है. रविवार को इजरायल ने रूसी राजदूत अनातोली विक्टोरोव को तलब कर उनसे अपना विरोध जताया है. इजरायल का कहना है कि हमास की मेजबानी करना यह संकेत देता है कि रूस इजरायल के खिलाफ आतंकवाद को वैध ठहरा रहा है.
रूस ने बीते हफ्ते हमास के एक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की थी. रूस का कहना था कि हमास की मेजबानी इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष में सभी पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखने की कोशिश है. लेकिन इजरायल रूस की इस दलील से संतुष्ट नहीं है और उसने रूस के इस कदम पर सख्त विरोध जताते हुए रविवार को रूसी राजदूत को तलब किया.
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में अपने वरिष्ठ कर्मचारियों के हवाले से कहा, 'हमास की मेजबानी करना इजरायल के खिलाफ आतंकवाद को वैध बनाने का संदेश भेजता है.' बयान में कहा गया कि रूसी राजदूत को तलब कर उनसे विरोध जता दिया गया है.
रूस में फिलिस्तीन समर्थकों के कारण बंद करना पड़ा एयरपोर्ट
इसी बीच खबर है कि दक्षिणी रूस के दागेस्तान के मखाचकाला शहर में फिलिस्तीन समर्थकों के कारण एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा है. रविवार को फिलिस्तीन के समर्थक अचानक मखाचकाला एयरपोर्ट के रनवे पर पहुंच गए और उन्होंने रनवे पर भीड़ लगा दी. प्रदर्शनकारियों को खबर मिली थी कि इजरायल से एक विमान एयरपोर्ट पर लैंड करने वाला है जिसके बाद वो इजरायली और यहूदियों की तलाश में एयरपोर्ट पर पहुंच गए.
रूसी की सरकारी मीडिया Rossavitsia ने जानकारी दी कि अज्ञात लोग एयरपोर्ट पर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे जिसे देखते हुए एयरपोर्ट को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया. टेलिग्राम पर जारी किए गए कई वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्य पर पहुंच गए हैं. रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन की तरफ से अभी इस मामले पर कोई बयान सामने नहीं आया है.
इजरायल के जवाबी हमले में गाजा में मची तबाही
फिलिस्तीनी समूह हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला कर दिया था जिसमें कम से कम 1,400 लोग मारे गए और 200 लोगों को बंधक बना लिया गया. जवाबी कार्रवाई में इजरायल हमास के नियंत्रण वाले गाजा पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है जिसमें अब तक 8,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. मरने वालों में सबसे अधिक बच्चे और महिलाएं शामिल हैं.
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