ईरान के सुरक्षाबलों ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन से जुड़े दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. इस बारे में ईरान के खुफिया मंत्रालय ने घोषणा की है. मंत्रालय ने दावा किया कि इन दोनों को हाल ही में देश में हुई आतंकवादी हिंसा की घटनाओं के दौरान मस्जिदों में आग लगाने समेत अन्य अपराधों की साजिश रचना का काम सौंपा गया था. जांच में पता चला है कि इन दोनों को जर्मनी कमांड ब्रिज से निर्देश मिल रहे थे.
ईरान के खुफिया मंत्रालय का कहना है कि इन दोनों व्यक्तियों ने तेहरान में एक सुरक्षित घर स्थापित कर चुके थे. उनसे जब्त किए गए डॉक्यूमेंट्स और पूछताछ के दौरान प्राप्त बयानों के आधार पर पता चला है कि जर्मनी स्थित एक 'कमांड ब्रिज' से इनका निर्देशन किया जा रहा था. इस कमांड ब्रिज का संबंध मुजाहिदीन-ए-खल्क़ संगठन (MKO/MEK) से बताया जा रहा है, जिसे ईरान एक आतंकवादी संगठन मानता है.
विदेश से मिल रहे थे निर्देश
सुरक्षाबलों ने बताया कि जांच में पता चला है कि पकड़े गए संदिग्धों का मुख्य टारगेट धार्मिक स्थलों, विशेषकर मस्जिदों को निशाना बनाकर लोगों की भावनाओं को भड़काना था. इन व्यक्तियों को मस्जिद में आग लगाने और सिर कलम करने जैसे घृणित कृत्यों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था.
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि ये कार्रवाई हाल के दंगों और आतंकवादी हिंसा का हिस्सा थी, जिसे विदेशी ताकतों द्वारा समर्थित और निर्देशित किया जा रहा था. कई ईरानी अधिकारियों ने इन घटनाओं के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है.
ईरान के सुरक्षा अधिकारी अब इन गिरफ्तारियों के माध्यम से पूरे नेटवर्क को खंगाल रहे हैं, ताकि ये पता लगाया जा सके कि उन्हें सीमा पार से कौन मदद कर रहा था. हालिया आतंकवादी हिंसा के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और विदेशी लिंक वाले हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की शांति भंग करने वाले किसी भी विदेशी एजेंडे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे आतंकी संगठनों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा.
ईरान में भड़की हिंसा
बता दें कि हाल के दिनों में ईरान में बड़े पैमाने पर अशांति और विरोध प्रदर्शन देखे गए हैं, जिसमें सार्वजनिक संपत्तियों, मस्जिदों, पुलिस स्टेशनों और अन्य इमारतों पर हमले की खबरें सामने आईं. ईरानी सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ आतंकवादी समूहों से जुड़े हुए थे.
ईरान की खुफिया एजेंसियां इन घटनाओं को विदेशी समर्थित साजिश करार दिया है और कहा है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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