दक्षिण कोरिया के सियोल में एशियन क्लाइम्बिंग प्रतियोगिता में बिना हिजाब के हिस्सा लेने वाली ईरान की एथलीट एल्नाज रेकाबी (Elnaz Rekabi) लापता होने की अटकलों के बीच बुधवार को तेहरान पहुंच गईं. इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि रेकाबी लापता हो गई हैं. एल्नाज के दोस्तों ने बकायदा बताया था कि वे रविवार से उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे. इससे पहले सूत्रों के हवाले से बताया गया कि वह मंगलवार को तेहरान जाने वाले विमान में सवार हुई थी और उससे पहले उनका पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया था. लेकिन अब ऐसी खबर है कि हिजाब नियमों के उल्लंघन में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.
इसके बाद से ईरान समेत दुनियाभर में रेकाबी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी. इस बीच बुधवार को तेहरान हवाईअड्डे पर पहुंची रेकाबी का जबरदस्त स्वागत किया गया. बड़ी संख्या में उनके प्रशंसकों का जमावड़ा हवआईअड्डे पर नजर आया. रेकाबी का परिवार भी यहां पहुंचा और उसे गले लगा लिया. इस दौरान रेकाबी का स्वागत करने वालों का तांता लग गया. वहां जुटे लोगों ने एल्नाज नायिका है के नारे भी लगाए और जोरदार तालियां बजाकर उनका स्वागत किया.
क्यों चर्चा में आई एल्नाज रेकाबी
ईरान की एथलीट एल्नाज रेकाबी ने बीते रविवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में एशियन क्लाइम्बिंग प्रतियोगिता में बिना हिजाब के हिस्सा लिया था. उनके बिना हिजाब के रॉक क्लाइंबिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसे लेकर उन्हें दुनियाभर में सराहा भी गया. लेकिन ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य होने की वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ी थी.
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद रेकाबी ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने हिजाब उतारा नहीं था बल्कि खेल के दौरान अचानक ही उनका हिजाब उतर गया, जो एक दुर्घटना है. हालांकि, रेकाबी के इस बयान के बाद यह भी कहा गया कि ईरान सरकार के दबाव में उन्होंने यह सफाई दी है और वह खुद अपनी सुरक्षा को लेकर डरी हुई हैं.
रेकाबी ईरान के खिलाड़ियों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं, जिसमें आठ एथलीट और तीन कोच थे. यह दल रॉक क्लाइम्बिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने सियोल गया था. यह प्रतियोगिता ऐसे समय पर हुई, जब ईरान में हिजाब के विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है.
ईरान की महिलाओं को विदेश में किसी भी तरह के समारोह या प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य माना गया है. रेकाबी पहले भी हमेशा हिजाब पहने प्रतियोगिता में हिस्सा लेती आई हैं. लेकिन उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि हिजाब पहनकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने में उन्हें कई बार परेशानी हुई है.
बिना हिजाब मैदान में उतरने पर लूटी थी वाह-वाही
ईरान में हिजाब के विरोध में हो रहे सरकारी विरोधी प्रदर्शनों के बीच रेकाबी के बिना हिजाब प्रतियोगिता में हिस्सा लेने को साहसिक कदम बताय गया था. दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों ने रेकाबी की सराहना करते हुए उन्हें महिला सशक्तीकरण के लिए मिसाल बताया था.
अमेरिका के एक मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान ने बिना हिजाब प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के उनके कदम को बहादुरी भरा बताया. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कहा था कि रेकाबी का यह कदम साहसिक था.
रेकाबी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
रेकाबी को लेकर ईरान सरकार के बयान के विपरीत कई मानवाधिकार संगठनों ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. नॉर्वे के मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स के निदेशक महमूद अमीरी ने कहा कि उन्हें रेकाबी की चिंता हो रही है. मुझे शक है कि ईरान सरकार ने रेकाबी पर दबाव डालकर यह कहलवाया था कि हिजाब उतरना एक दुर्घटना थी. ृ
बयान में कहा गया, जहां तक हमें लगता है कि ईरान सरकार अन्य एथलीट और युवा लड़कियों के लिए एक उदाहरण स्थापित करेंगे ताकि कोई भी इस तरह का कदम दोबारा नहीं उठाए.
रेकाबी को जेल भेजने की अटकलें
बिना हिजाब मैदान में उतरने के बाद से रेकाबी के बारे में कई तरह की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. ईरान-कनाडा की एक पत्रकार की रिपोर्ट के हवाले से बताया जा रहा है कि रेकाबी को तेहरान पहुंचने पर जल्द ही हिरासत में लिया जा सकता है. उन्हें ईरान पहुंचने पर डिटेन कर तेहरान की इविन जेल में भी भेजा जा सकता है.
बता दें कि इविन जेल में राजनीतिक कैदियों और सरकार विरोधियों को रखा जाता है. हाल ही में इस जेल में आग लग गई थी, जिसमें कई कैदियों की मौत हो गई थी. हिजाब का विरोध कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को इस जेल में रखा गया है.
रेकाबी की इंस्टाग्राम पोस्ट से उठे कई सवाल
रेकाबी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मंगलवार को एक पोस्ट की गई, जिसमें फारसी भाषा में एक माफीनामा लिखा गया था. इस पोस्ट में कहा गया, मैं सबसे पहले माफी मांगती हूं. अचानक से प्रतियोगिता के शुरू होने और उसकी टाइमिंग की वजह से मेरा हिजाब उतर गया था. मैं फिलहाल अपनी टीम के साथ ईरान लौट रही हूं.
हालांकि, जिन परिस्थितियों में यह पोस्ट सामने आई, उसे लेकर कई सवाल उठे.कई रिपोर्ट्स सामने आई, जिनमें कहा गया कि रेकाबी से यह पोस्ट जबरन कराई गई है ताकि हिजाब को लेकर विद्रोह की चिंगारी और नहीं भड़कें. वहीं, यह भी कहा गया कि तेहरान जाने वाले विमान में सवार होने से पहले रेकाबी का पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया था.
बता दें कि बीत महीने महसा अमीनी नाम की एक महिला की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद से ईरान सहित दुनियाभर में हिजाब के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. हिजाब का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में डालना शुरू कर दिया है. अब तक इन प्रदर्शनों में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. महिलाएं हिजाब उतारकर और बाल कटवाकर इसका विरोध कर रही हैं.
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