धार्मिक यात्रा पर पाकिस्तान जाकर शादी करने वाली भारतीय नागरिक सरबजीत कौर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पाकिस्तान की कैद में मौजूद सरबजीत के खिलाफ इमिग्रेशन नियमों और पाकिस्तानी कानून के उल्लंघन को लेकर एफआईआर दर्ज हो सकती है. इससे जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए लाहौर की सेशन कोर्ट ने पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी एफआईए से रिपोर्ट तलब की है.
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष महिंदर पाल सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एफआईए से रिपोर्ट मांगी है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरबजीत कौर पिछले साल (2025) नवंबर की शुरुआत में सिख तीर्थयात्रा के वीजा पर पाकिस्तान आई थीं. वीज़ा की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी वह वहां रुकी रहीं, जो वीज़ा शर्तों का उल्लंघन है.
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याचिकाकर्ता के वकील अली चंगेजी ने कोर्ट में यह भी कहा कि नासिर हुसैन ने सरबजीत कौर को आश्रय और अन्य सहायता प्रदान कर उनके पाकिस्तान में बने रहने में मदद की. यह पाकिस्तानी कानून का उल्लंघन है. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एफआईए के इमिग्रेशन अधिकारियों को 30 जनवरी तक रिपोर्ट और अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. लाहौर सेशन कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई अब 30 जनवरी को होगी.
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याचिकाकर्ता ने यह कहते हुए कोर्ट का रुख किया कि पहले एफआईआर दर्ज कराने के अनुरोध पर संबंधित अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की. याचिकाकर्ता की मांग है कि पाकिस्तानी कानून के तहत तीर्थयात्रा वीज़ा की पवित्रता बनाए रखने के लिए कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. महिंदर पाल सिंह ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सरबजीत को देश से निकालने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने इस पर उनको निचली अदालत में अपील करने के लिए कहा था.
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