डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से हजारों भारतीय-अमेरिकी होंगे प्रभावित

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बच्चों के रूप में अवैध रूप से अमेरिका पहुंचे आव्रजकों को वर्क परमिट जारी करने की अनुमति देती है उस व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया है.  सोमवार को दी गई एक मीडिया रिपोर्ट की जानकारी के मुताबिक इस कदम से सात हजार से अधिक भारतीय-अमेरिकी प्रभावित हो सकते हैं.

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 ट्रंप ने किया डीएसीए को रद्द करने का फैसला ट्रंप ने किया डीएसीए को रद्द करने का फैसला

BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:41 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बच्चों के रूप में अवैध रूप से अमेरिका पहुंचे आव्रजकों को वर्क परमिट जारी करने की अनुमति देती है उस व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया है. सोमवार को दी गई एक मीडिया रिपोर्ट की जानकारी के मुताबिक इस कदम से सात हजार से अधिक भारतीय-अमेरिकी प्रभावित हो सकते हैं.

‘डेफर्ड एक्शन फॉर चिल्ड्रन एराइवल’ (डीएसीए) नामक कार्यक्रम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा किया गया एक महत्वपूर्ण आव्रजन सुधार था.

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने शुक्रवार को रिपोर्टर से कहा था कि ट्रंप मुद्दे पर कल फैसला करेंगे. हालांकि पॉलिटिको ने अपनी खास रिपोर्ट में कहा कि ट्रंप पहले ही इस कार्यक्रम को खत्म करने का फैसला कर चुके हैं और वरिष्ठ अधिकारी अब उनके फैसले को लागू करने पर चर्चा कर रहे हैं जो इस सप्ताह के अंत में आ सकता है.

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पॉलिटिको ने कहा कि हालांकि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि जब तक औपचारिक घोषणा नहीं होती तब तक ट्रंप के फैसले में बदलाव भी हो सकते हैं.

यह फैसला ट्रंप के चुनाव पूर्व वायदों में से एक है. इस फैसले की व्यापाक आलोचन भी हो सकती है. यहां तक कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लोग भी इसकी आलोचना कर सकते हैं. इस कदम से बिना दस्तावेज वाले लगभग साढ़े सात लाख से अधिक कर्मियों पर असर पड़ सकता है जिनमें सात हजार से अधिक भारतीय-अमेरिकी हैं.

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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पॉल रेयान ने एक रेडियो इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप को डीएसीए को खत्म नहीं करना चाहिए क्योंकि ‘ये बच्चे अमेरिका के अलावा किसी और देश को नहीं जानते’. यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज के 31 मार्च 2017 तक के आंकड़ों के अनुसार डीएसीए छात्रों के मामले से संबंधित मूल देशों में भारत ग्यारहवें स्थान पर हैं.

 

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