पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को किया फोन, पुतिन बोले- रणनीतिक साझेदारी करेंगे और मजबूत

पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यह बातचीत उस समय सामने आई है, जब कोरोना वायरस का प्रकोप और भारत-चीन सीमा पर तनाव जारी है. रूस भारत का करीबी दोस्त और बड़ा रणनीतिक सहयोगी है.

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पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन (फाइल फोटो: PIB) पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन (फाइल फोटो: PIB)

अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 8:57 PM IST

  • भारत-चीन सीमा पर हिंसक झड़प और तनाव के बीच हुई दोनों नेताओं की बात
  • पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कोरोना वायरस को लेकर भी की चर्चा

चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की है. इस दौरान पीएम मोदी ने द्वितीय विश्व युद्ध में जीत की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह की सफलता और रूस के संविधान में सफलतापूर्वक संशोधन करने को लेकर रूसी राष्ट्रपति पुतिन को बधाई दी.

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इस बातचीत को लेकर पीएम मोदी ने ट्वीट भी किए हैं. अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने लिखा, "मेरे मित्र, राष्ट्रपति पुतिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत हुई. मॉस्को में हाल ही में विजय दिवस समारोह और संवैधानिक सुधारों पर रूसी वोट के सफल समापन के लिए उन्हें बधाई दी."

व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने 24 जून 2020 को मास्को में आयोजित सैन्य परेड में भारतीय टुकड़ी के शामिल होने को भारत और रूस के लोगों के बीच दोस्ती के प्रतीक के रूप में याद किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए उठाए गए प्रभावी कदमों पर भी चर्चा की.

पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्विपक्षीय संपर्क और परामर्श को बनाए रखने पर भी सहमत हुए, जिसके चलते इस साल के आखिरी में वार्षिक द्विपक्षीय समिट आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आयोजित होने वाले द्विपक्षीय समिट में रूसी राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करने की उत्सुकता व्यक्त की.

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इसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया. साथ ही सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच स्पेशल और प्रिविलेज स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई. पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यह बातचीत उस समय सामने आई है, जब कोरोना वायरस का प्रकोप और भारत-चीन सीमा पर तनाव जारी है.

15 जून की रात पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प भी देखने को मिली थी. इसमें भारतीय सेना के कर्नल संतोष बाबू समेत 20 जवान शहीद हो गए थे. सूत्रों का कहना है कि इस हिंसक झड़प में चीन के भी करीब 40 जवान मारे गए हैं. हालांकि चीन ने इसको लेकर कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है.

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