कश्मीर पर बोलते हुए आतंकी आदिल डार को जायज ठहरा गए इमरान खान?

Imran khan भारत की एयरस्ट्राइक से घबराए इमरान खान अब पूरी तरह बैकफुट पर हैं. इमरान खान ने गुरुवार को कहा कि वह भारतीय पायलट को छोड़ने के लिए तैयार हैं. भारतीय पायलट को शुक्रवार को छोड़ा जाएगा.

Pakistani Prime Minister Imran Khan (File)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

भारत की कड़ी कार्रवाई से पाकिस्तान घबरा गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को अपनी संसद में बयान देते हुए कहा कि वह शांति चाहते हैं और युद्ध नहीं करना चाहता हैं. अपने बयान में भारत को कोसते-कोसते इमरान खान एक बार फिर आतंकवाद को जायज ठहरा गए. पुलवामा में हुए आतंकी हमले का गुनाहगार आदिल अहमद डार को लेकर इमरान खान सफाई पेश करते हुए नजर आए.

इमरान खान ने आरोप लगाया कि भारत की सरकार कश्मीर में जुल्म कर रही है यही कारण है कि एक 20 साल के लड़के ने खुद को ह्यूमन बॉम्ब बना लिया. उन्होंने कहा कि क्योंकि आदिल अहमद डार आजादी की बात कर रहा था, इसलिए उसने खुद को उड़ा लिया.

जैश आतंकी आदिल अहमद डार का बचाव करते हुए इमरान खान ने तमिल टाइगर्स का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बीते 20 साल से अपनी जमीन पर भी आतंकवाद का सामना कर रहा है.

जैश ने खुद जारी किया था बयान

लेकिन ऐसा लगता है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ये भूल गए हैं कि जैश-ए-मोहम्मद की तरफ से खुद इस बात की पुष्टि की गई थी कि ये हमला उसके ही लोकल आतंकी ने किया है. जैश के सरगना मौलाना मसूद अजहर ने भी ऑडियो जारी कर आदिल अहमद डार की तारीफ की थी.

मौजूदा हालात पर सफाई देते हुए इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा और कहा कि पिछले चार साल में कश्मीर में आजादी की मांग तेज हुई है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की आवाम को अपनी सरकार से इस बारे में सवाल पूछना चाहिए.

इमरान की बौखलाहट- आजादी चाहते हैं कश्मीरी!

बौखलाए इमरान खान ने कहा कि जब मैं 20 साल पहले वहां गया था तो कश्मीर के लोग हिंदुस्तान के साथ थे, लेकिन अब कश्मीर के लोग आजादी के अलावा कुछ नहीं चाहते हैं.

गौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे. जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी आदिल अहमद डार एक गाड़ी में विस्फोटक रख सीआरपीएफ के काफिले में घुस गया था, जिसमें बड़ा धमाका हुआ था. हमले के कुछ देर बाद ही जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी.

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