ननकाना साहिब में हमले के बाद अब पाकिस्तान के सिंध में हिंदू मंदिर में तोड़फोड़

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले बढ़ते जा रहे हैं. एक कट्टरपंथी मुस्लिम समूह ने हिंदू मंदिर को निशाना बनाया है और मंदिर में तोड़फोड़ की है. इस मंदिर में देवी की प्रतिमा भी खंडित की गई है.

उपद्रवियों ने देवी प्रतिमा को भी तोड़ा (तस्वीर- इंडिया टु़डे)
हमजा आमिर
  • इस्लामाबाद,
  • 27 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 7:28 AM IST

  • पाकिस्तान में नहीं थम रहा अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न
  • धार्मिक स्थलों को कट्टरपंथी समूह बना रहे हैं निशाना

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें आए दिन सामने आ रही हैं. पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुए हमले के बाद अब उपद्रवियों ने हिंदू समुदाय के मंदिर को निशाना बनाया है. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अल्पसंख्यकों का जीना और दूभर होता जा रहा है.

जबरन हो रहा धर्म परिवर्तन

सिंध प्रांत के छाछरो शहर के थारपारकर इलाके में कुछ अज्ञात कट्टरपंथियों ने हिंदू मंदिर पर हमला किया, मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया. कट्टरपंथियों ने वहां की माता रानी भटियानी की मूर्ति भी तोड़ दी. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सिंध से एक के बाद एक लगातार हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन की खबरें सामने आ रही हैं.

हिंदू समुदाय का कहना है कि चरमपंथी मुसलमानों के समूह लगातार अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं, समुदाय पर हमला कर रहे हैं. सिंध में अल्पसंख्यकों का जीना कठिन हो गया है. हिंदू समुदाय ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से गुहार लगाई है कि ऐसे मामलों पर इमरान खान संज्ञान लें और अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करें.

बता दें कि इस साल के शुरुआत में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव किया था. इस दौरान ननकाना साहिब गुरुद्वारे का नाम बदलने और सिखों को वहां से भगाने के नारे भी लगाए गए. इस दौरान काफी संख्या में सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब गुरुद्वारे में फंस गए थे.

देवी की खंडित प्रतिमा

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हिंदू लड़कियों के लगातार अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन की खबरों के बीच धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया जा रहा है. सिंध में ही अल्पसंख्यकों पर सबसे ज्यादा अत्याचार किया जा रहा है. उपद्रवी लगातार धार्मिक तौर पर अल्पसंख्यकों के मंदिरों और पवित्र स्थानों को निशाना बना रहे हैं.

अल्पसंख्यकों पर हो रहा अत्याचार

2020 में पाकिस्तान में हिंदू समुदाय लगातार अत्याचार हो रहा है. पाकिस्तान से लगातार जबरन अपहरण, धर्म परिवर्तन और मुस्लिम पुरुषों से शादी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. कराची से करीब 215 किलोमीटर दूर मटियारी जिले में स्थित हाला शहर में हिंदू युवती के धर्मपरिवर्तन और जबरन शादी का एक और मामला सामने आया है.

मंदिर में की गई है तोड़फोड़

युवती को स्थानीय पुलिस अधिकारियों की देखरेख में हमलावरों ने विवाह समारोह से किडनैप किया और फिर जबरन इस्लाम कबूल करवाकर एक मुस्लिम व्यक्ति से उसकी शादी कर दी गई.

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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा का दावा है कि पाकिस्तान का स्थानीय प्रशासन और सरकार भी इस तरह के मामलों में आरोपी युवकों की मदद करती है. मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि पिछले 75 दिनों में 53 हिंदू और सिख अल्पसंख्यक लड़कियों के नाम सामने आ चुके हैं, जिनके साथ जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह पाकिस्तान में किया गया है.

जब ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुआ हमला

साल की शुरुआत में ही पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारा को निशाना बनाया गया. कट्टरपंथियों की भीड़ ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव किया था. साथ ही ननकाना साहिब गुरुद्वारे का नाम बदलने और सिखों को वहां से भगाने के नारे भी लगाए गए थे. हमला करने वाली भीड़ की अगुवाई मोहम्मद हसन का भाई कर रहा था. मोहम्मद हसन ने ही सिख लड़की जगजीत कौर को अगवा किया था और उससे निकाह कर लिया था.

लगातार उत्पीड़न की खबरें सामने आने के बाद भी पाकिस्तान सरकार बेशर्म बनी हुई है. पूरी दुनिया में भारत के अत्याचारों की गाथा गाने वाली इमरान खान सरकार खुद अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में असफल नजर आती है.

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