अमेरिकी एयरस्पेस में घुसा मेक्सिकन ड्रग्स कार्टेल का ड्रोन... एयरपोर्ट तक करना पड़ा बंद

डोनाल्ड ट्रंप जबसे अमेरिकी राष्ट्रपति बने हैं, तब से वह मेक्सिको ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. इस बीच मेक्सिकन ड्रग्स कार्टेल का ड्रोन अमेरिकी एयरपोर्ट में घुसने से हड़कंप मच गया.

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अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस घुसपैठ में कुल कितने ड्रोन शामिल थे (Photo- Representational) अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस घुसपैठ में कुल कितने ड्रोन शामिल थे (Photo- Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:17 PM IST

अमेरिका के टेक्सास स्थित एल पासो इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का एयरस्पेस मेक्सिकन ड्रग कार्टेल से जुड़े ड्रोन घुसपैठ के खतरे के बाद कई घंटों तक बंद रहा. हालांकि बाद में अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने प्रतिबंध हटाते हुए एयरस्पेस दोबारा खोल दिया और उड़ानों को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी.

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि एयरस्पेस बंद करने का फैसला तब लिया गया जब अमेरिकी हवाई क्षेत्र में कई संदिग्ध ड्रोन घुस आए थे, जिनका संबंध मेक्सिकन कार्टेल से बताया गया.

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FAA ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एयरस्पेस दोबारा खोले जाने की जानकारी देते हुए कहा कि व्यावसायिक उड़ानों के लिए कोई खतरा नहीं है और सभी फ्लाइट्स सामान्य रूप से संचालित होंगी.

अमेरिकी परिवहन सचिव सीन डफी ने भी सोशल मीडिया पर स्थिति की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि FAA और रक्षा विभाग ने मिलकर कार्टेल ड्रोन घुसपैठ से निपटने के लिए तेजी से कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि खतरे को निष्क्रिय कर दिया गया है और क्षेत्र में व्यावसायिक हवाई यात्रा के लिए अब कोई जोखिम नहीं है.

हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस घुसपैठ में कुल कितने ड्रोन शामिल थे और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए क्या विशेष कार्रवाई की गई.

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप जबसे अमेरिकी राष्ट्रपति बने हैं, तब से वह मेक्सिको ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं.

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एयरस्पेस बंद करने की घोषणा करते समय अधिकारियों ने विशेष सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था. शुरुआती तौर पर यह प्रतिबंध 10 दिनों तक लागू रहने वाला था, जिससे बड़े पैमाने पर उड़ान सेवाओं और यात्रियों को परेशानी होने की आशंका जताई जा रही थी, क्योंकि एल पासो एयरपोर्ट पूरे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए अहम हवाई केंद्र है.

एयरपोर्ट पर उड़ानें रुकी रहने के दौरान स्थानीय मीडिया चैनलों ने यात्रियों की लंबी कतारें दिखाई, जहां लोग एयरलाइन टिकट काउंटर और कार रेंटल डेस्क के बाहर इंतजार करते नजर आए.

तस्करी का बड़ा केंद्र है यह इलाका

एल पासो अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर स्थित एक अहम शहर है, जिसकी आबादी करीब 7 लाख है. यह शहर अपने आसपास के मेट्रो क्षेत्र के साथ मिलकर सीमा पार व्यापार का बड़ा केंद्र माना जाता है. इसके ठीक सामने मेक्सिको का सिउदाद जुआरेज शहर स्थित है, जिसकी आबादी करीब 15 लाख है.

हाल के दशकों में फ्री ट्रेड समझौतों के कारण जुआरेज में असेंबली प्लांट्स का तेजी से विस्तार हुआ, जहां कम लागत वाले श्रम और अमेरिकी बाजार तक आसान पहुंच का लाभ मिलता है. लेकिन इसी आसान पहुंच ने इस इलाके को मेक्सिकन ड्रग कार्टेल के लिए भी आकर्षक बना दिया.

कार्टेल लंबे समय से इस क्षेत्र में ड्रग्स, हथियार, नकदी और अवैध प्रवासियों की तस्करी के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करते रहे हैं. ड्रोन घुसपैठ की घटना ने सीमा सुरक्षा और हवाई सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है.

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