चीन के विदेश मंत्री किन गांग रूस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा है कि चीन पर दबाव डालने के अमेरिकी प्रयास कभी सफल नहीं हो पाएंगे. चीन की संसद के सत्र से अलग मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए किन ने कहा कि चीन अपने मूल हितों की रक्षा करेगा और आधिपत्य, गुट की राजनीति और एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करता रहेगा.
चीन रूस अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए अच्छा उदाहरण पेश कर रहे
किन ने कहा कि चीन और रूस अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए अच्छा उदाहरण पेश कर रहे हैं और उनके करीबी द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को शीत युद्ध के नजरिये से देखना गलत है. उन्होंने कहा कि रूस के साथ चीन के संबंधों को गठबंधन से अलग, किसी टकराव से अलग और किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ कोई लक्षित टारगेट से अलग देखना चाहिए.
सुरक्षित और विश्वसनीय मुद्रा के इस्तेमाल पर जोर
चीन-रूस व्यापार में अमेरिकी डॉलर और यूरो का इस्तेमाल नहीं करने के संबंध में पूछे गए सवाल पर चीन के विदेश मंत्री किन ने कहा कि चीन ऐसी मुद्रा का उपयोग करेगा, जो सुरक्षित और विश्वसनीय हो. उन्होंने कहा, मुद्रा को एकतरफा प्रतिबंधों के लिए तुरुप के इक्के के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. किन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर कहा कि यूक्रेन संकट यूरोपीय सुरक्षा शासन प्रणाली में खामियों का नतीजा है.
यूक्रेन संकट पर बातचीत जरूरी
किन ने कहा कि यूक्रेन संकट एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है जहां शांति, तर्क और बातचीत की जरूरत है. उन्होंने कहा, शांति स्थापित करने के लिए तुरंत बातचीत होनी चाहिए और सभी पक्षों की चिंताओं का सम्मान किया जाना चाहिए. विदेश मंत्री ने कहा कि चीन पुराने दोस्तों के साथ संबंध बनाए रखेगा और मजबूत करेगा.
चीनी गुब्बारे को मार गिराने का जिक्र
चीन के विदेश मंत्री ने अमेरिका की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि चीन की प्रगति को रोकने के वाशिंगटन के प्रयास सफल नहीं होंगे. हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए जिसमें अमेरिकी लड़ाकू विमान ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र में उड़ रहे एक मानवरहित चीनी गुब्बारे को मार गिराया था, उन्होंने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने, अतिप्रतिक्रिया करने और उसे मार गिराने में ताकत के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया. किन गांग ने कहा, अमेरिका ने दावा किया है कि वह चीन को पछाड़ना चाहता है, लेकिन संघर्ष नहीं चाहता.
किन की टिप्पणी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सोमवार को राजनीतिक प्रतिनिधियों के सामने दिए गए भाषण से मेल खाती है, जिसमें अमेरिका के नेतृत्व में चीन के ‘दमन’ की निंदा की गई.
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