चीन को सफल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में समर्थन की उम्मीद, मोदी होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 से 5 सितंबर तक चलने वाले भारत और चीन ने बीजिंग की मेजबानी में होने जा रहे ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन  में शामिल होने के लिए शियामेन जाएंगे.

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चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग

BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 6:23 PM IST

चीन ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि ब्रिक्स देश शियामेन में समूह के आगामी शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. बीजिंग की यह टिप्पणी डोकलाम गतिरोध को खत्म करने के लिए सैनिकों को हटाने पर भारत और चीन की सहमति के एक दिन बाद आई है.

भारत और चीन ने बीजिंग की मेजबानी में होने जा रहे ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के तहत डोकलाम से अपने-अपने सैनिकों को हटाकर 73 दिन से चले आ रहे गतिरोध को सोमवार की रोज को खत्म किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 से 5 सितंबर तक चलने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शियामेन जाएंगे.

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यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने गतिरोध खत्म करने के लिए डोकलाम में सड़क का काम रोक दिया है जिससे कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हो सके, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने कहा कि कूटनीतिक माध्यम से मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान संबंधित सभी पक्षों के साझा हितों को पूरा करता है. हुआ ने कहा, यह एक बड़े देश के रूप में चीन की नेकनीयती और उसके जिम्मेदार रुख को दर्शाता है.

अपनी बात में आगे उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन सभी ब्रिक्स देशों का समान ध्येय है और इसकी सफलता सुनिश्चित करने से सभी संबंधित पक्षों के हितों की पूर्ति होगी. प्रवक्ता ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए भूमिका निभा सकते हैं. हम सभी संबंधित पक्षों से समर्थन एवं समन्वय की उम्मीद करते हैं'.

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डोकलाम में सड़क निर्माण के बारे में पूछे जाने पर हुआ ने कहा कि चीन इसे बनाते समय मौसम सहित सभी संबंधित कारकों पर विचार करेगा. उन्होंने बताया कि सीमा रक्षा, जीवन स्तर में सुधार जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने के क्रम में चीन ने सड़क निर्माण सहित अवसंरचना विकास में काफी काम किया हैं.

हुआ ने दोहराया कि चीनी सैनिक डोकलाम इलाके में रहना और गश्त रखना जारी रखेंगे. हम ऐतिहासिक संधियों के साथ अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए काम करना जारी रखेंगे. हालांकि वह इस सवाल से बचती नजर आई कि क्या चीन भूटान के साथ बात कर रहा है, जिसने डोकलाम में चीनी सैनिकों के सड़क निर्माण पर विरोध जताया हैं. उन्होंने कहा, 'अब तक हमने भारतीय सैनिकों की अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान किया है'.

 

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