अमेरिका से अलग राह पर कनाडा! चीन से कर ली ट्रेड डील, इस प्रोडक्ट से हटा देगा 100 फीसदी टैरिफ

पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा ने अमेरिका के साथ कदम मिलाते हुए चीन से आने वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 100 फीसदी और स्टील व एल्युमिनियम पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. अब कनाडा के वर्तमान पीएम ने चीन के साथ ट्रेड डील की है.

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कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात की (Photo- AP) कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात की (Photo- AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:04 PM IST

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की चीन यात्रा ने वैश्विक व्यापार राजनीति में एक बड़ा उलटफेर कर दिया है. अमेरिका की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से हटकर कनाडा ने चीन के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता किया है. इसके तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर लगे भारी टैरिफ को कम करने का फैसला किया है, जिसके बदले में चीन कनाडाई कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा.

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दरअसल, कनाडा ने अमेरिका से अलग रुख अपनाते हुए चीन की इलेक्ट्रिक कारों (EVs) पर लगाए गए 100 फीसदी आयात शुल्क में कटौती पर सहमति जता दी है. इसके बदले चीन कनाडा के कृषि उत्पादों खासकर कैनोला बीज पर अपने भारी टैरिफ कम करेगा. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को दो दिनों की बीजिंग यात्रा के बाद इस समझौते की घोषणा की.

49 हजार कार कनाडा भेज सकेगा चीन

न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्नी ने बताया कि शुरुआती तौर पर चीन से कनाडा आने वाली इलेक्ट्रिक कारों की संख्या पर 49,000 वाहनों की सीमा तय की जाएगी, जिसे अगले पांच वर्षों में बढ़ाकर 70,000 किया जाएगा. वहीं, चीन कनाडा के प्रमुख कृषि निर्यात कैनोला बीज पर लगाए गए करीब 84 फीसदी शुल्क को घटाकर लगभग 15 फीसदी करेगा.

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बीजिंग के एक पार्क में पत्रकारों से बात करते हुए कार्नी ने कहा, “ये दो दिन ऐतिहासिक और बेहद उपयोगी रहे. हमें यह समझना होगा कि कनाडा और अन्य देशों के बीच क्या अंतर हैं और जहां हमारी सोच मिलती है, वहां मिलकर काम करना होगा.”

वैश्विक शासन व्यवस्था पर जोर

चीन की यात्रा पर आए पहले कनाडाई प्रधानमंत्री के रूप में कार्नी ने कहा कि बेहतर द्विपक्षीय रिश्ते उस वैश्विक शासन व्यवस्था को मजबूत करेंगे, जो इस समय भारी दबाव में है. उन्होंने कृषि, ऊर्जा और वित्त जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की वकालत की और कहा कि नई वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप रिश्तों को ढालने की जरूरत है.

कार्नी के मुताबिक, ये नई वास्तविकताएं काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका-फर्स्ट’ नीति से जुड़ी हैं. अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का असर कनाडा और चीन दोनों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल के इस दौर में अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रही है. बीजिंग में कनाडाई कारोबारियों ने कार्नी की यात्रा को गेम-चेंजर बताया. 

कनाडा पर चीन ने लगा दिया था इतना टैरिफ

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा ने अमेरिका के साथ कदम मिलाते हुए चीन से आने वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 100 फीसदी और स्टील व एल्युमिनियम पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. इसके जवाब में चीन ने कनाडा के कैनोला तेल और मील पर 100 फीसदी, जबकि पोर्क और सीफूड पर 25 फीसदी शुल्क लगा दिया था. अगस्त में कैनोला बीज पर 75.8 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया गया, जिससे चीनी बाजार कनाडाई कैनोला के लिए लगभग बंद हो गया.

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