ब्रिटेन ने तेहरान में अपने राजदूत को गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए सोमवार को ईरानी राजदूत को तलब किया. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने बताया कि लंदन राजनयिक प्रोटोकॉल के अस्वीकार्य उल्लंघन को लेकर अपनी सख्त आपत्ति जताना चाहता था. ब्रिटिश राजदूत रॉब मैकएयर को शनिवार को प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया था. प्रदर्शन में शामिल लोग हाल ही में एक विमान को गलती से मार गिराए जाने के कारण 176 लोगों की मौत का विरोध कर रहे थे.
दरअसल ईरान के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के राजदूत रॉब मैकायर को तलब कर उनसे यहां हुए गैर-कानूनी सरकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए स्पष्टकरण मांगा था. जिसके बाद से ब्रिटेन और ईरान में एक झगड़े की शुरुआत हो गई है. राजदूत ने कहा कि वह 8 जनवरी को यूक्रेन एयरलाइन में मारे गए लोगों के लिए निकाले गए जुलूस में शामिल होने के लिए गए थे, लेकिन जब प्रदर्शन सरकार के खिलाफ होने लगा तो वह वहां से निकल गए.
विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी किए गए एक बयान में कहा कि में शिरकत कर उनके गैर परंपरागत व्यवहार के चलते तलब किया गया. राजदूत की अस्थायी हिरासत की खबर के खुलासे के बाद उप विदेश मंत्री अब्बास अर्घची ने प्रतिक्रिया व्यक्त की.
क्या है विवाद की वजह?
अब्बास अघर्ची ने कहा था कि गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने पर एक अज्ञात विदेशी होने के चलते उनको हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि किया गया था. जब पुलिस ने मुझे सूचित किया कि गिरफ्तार हुआ एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि वह ब्रिटेन का राजदूत है, तो मैंने कहा यह संभव नहीं हो सकता.
गिरफ्तारी के बात राजदूत ने क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा कि जब मेरी उनसे फोन पर बात हुई तब जाकर मैं आश्चर्यचकित हुआ और मैंने पुष्टि की कि वह राजदूत हैं. 15 मिनट बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया. ने ट्वीट कर कहा कि पुष्टि कर सकता हूं कि मैं किसी भी प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहा था! मैं वहां पीएस752 त्रासदी में मारे गए पीड़ितों के लिए आयोजित की गई रैली में भाग लेने गया था.
(IANS इनपुट के साथ)
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