'ये जंग सिर्फ हमारी नहीं...', इजरायल पहुंचे मैक्रों से मिले नेतन्याहू, यूरोप-अमेरिका को किया अलर्ट

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, अगर हमास विजयी हुआ तो हम सब हार जाएंगे. यूरोप खतरे में पड़ जाएगा. हर कोई खतरे में पड़ जाएगा. सभ्यता खतरे में पड़ जाएगी. इसीलिए यह लड़ाई केवल हमारी अपनी नहीं है, यह यूरोप की लड़ाई है. यह अमेरिका की लड़ाई है. यह मध्य पूर्व के भविष्य की लड़ाई है.

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मैक्रों और नेतन्याहू की मुलाकात मैक्रों और नेतन्याहू की मुलाकात

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 5:21 PM IST

इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है. ऐसे में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बयान दिया है कि ये लड़ाई पूरी दुनिया के अस्तित्व का सवाल है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ ये लड़ाई न सिर्फ इजरायल के अस्तित्व का सवाल है, बल्कि ये पूरी दुनिया के अस्तित्व का सवाल है. उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हम आपके साथ खड़े हैं.

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मैक्रोंन ने आगे कहा, अगर हमास विजयी हुआ तो हम सब हार जाएंगे. यूरोप खतरे में पड़ जाएगा. हर कोई खतरे में पड़ जाएगा. सभ्यता खतरे में पड़ जाएगी. इसीलिए यह लड़ाई केवल हमारी अपनी नहीं है, यह यूरोप की लड़ाई है. यह अमेरिका की लड़ाई है. यह मध्य पूर्व के भविष्य की लड़ाई है.

मैक्रोंन ने कहा कि अगर हिजबुल्लाह इस लड़ाई में शामिल होकर ये गलतियां करता है, तो उन्हें इसका पछतावा होगा. हिज़्बुल्लाह के खिलाफ तबाही अकल्पनीय होगी.

इजरायल के समर्थन में पश्चिमी देश

बता दें कि आज डच प्रधानमंत्री मार्क रूट और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल का दौरा कर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक तथा जर्मनी के चांसलर भी इजरायल का दौरा कर चुके हैं.

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इजरायल के प्रति इन देशों का समर्थन 

वहीं अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन के नेताओं ने रविवार को इजरायल को अपना समर्थन देते हुए उसके साथ एकजुटता दिखाई और कहा कि इजरायल के पास अपनी आत्मरक्षा का अधिकार है. साथ ही इन देशों ने इजरायल से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने और नागरिकों की रक्षा करने का भी आग्रह किया.

इजरायल और हमास के बीच जारी जंग को लेकर आयोजित एक वर्चुअल मीटिंग के बाद जारी एक संयुक्त बयान में इन तमाम वैश्विक नेताओं ने हमास द्वारा दो बंधकों की रिहाई का स्वागत किया और शेष सभी बंधकों की तत्काल रिहाई का आह्वान किया. अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बात के बाद- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और इटली और कनाडा के नेताओं के साथ एक बैठक बुलाई.

तमाम नेता पहुंच रहे हैं इजरायल 

गौरतलब है कि तमाम पश्चिमी देशों के नेता ऐसे समय में इजरायल पहुंच रहे हैं जब इजरायल-हमास युद्ध के मध्य पूर्व संघर्ष में तब्दील होने की आशंका जताई जा रही है. इजरायल एक तरफ जहां गाजा में घुसने की तैयारी कर चुका है वहीं लेबनान के साथ उसकी सीमा पर झड़पें तेज हो गईं हैं. बाइडेन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़, इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने इस क्षेत्र में रह रहे लोगों का समर्थन किया है और मिलकर काम करने का संकल्प लिया है.

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18 दिनों से जारी है जंग

पिछले 18 दिनों से जारी इस भीषण युद्ध की वजह से गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में 5,182 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 15,000 से ज्यादा घायल हुए हैं. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़े जारी कर बताया कि गाजा पट्टी में 5,087 और वेस्ट बैंक में 95 लोग मारे गए हैं.

हमास के कब्जे में इजरायली नागरिक

दरअसल, हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इन हमलों में अब तक इजरायल के 1400 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा हमास ने सैकड़ों इजरायली और विदेशी नागरिकों को बंधक बना लिया था. इन्हें हमास के लड़ाके गाजा पट्टी में रखे हुए हैं. हालांकि, कुछ बंधकों को रिहा कर दिया गया है. हालांकि, अभी भी 220 नागरिक हमास के कब्जे में हैं.

हमास के हमलों के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में जवाबी कार्रवाई की थी. इतना ही नहीं इजरायल ने गाजा पट्टी की नाकेबंदी भी कर दी. इजरायल ने खाना, पानी और ईंधन की सप्लाई भी रोक दी. इसके चलते गाजा पट्टी में रहने वाले लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. 

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