बांग्लादेश में इन दिनों अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शनों की बाढ़ देखने को मिल रही है. एक तरफ अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्या के खिलाफ सड़कों पर ह्युमन चेन बनाई जा रही है, तो दूसरी ओर मारे गए छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राजधानी ढाका में दिनभर रैली निकाली गई.
ताजा मामला चारसिंदूर बाजार का है, जहां प्रमुख व्यवसायी मोनी चक्रवर्ती की हत्या के विरोध में स्थानीय हिंदू समुदाय और व्यापारियों ने ह्यूमन चेन बनाकर प्रदर्शन किया. यह ह्युमन चेन 'चारसिंदूर बाजार व्यवसायी समिति' और स्थानीय हिंदुओं की ओर से आयोजित की गई.
यह भी पढ़ें: 'घर से निकलने में डर लग रहा...' हिंदू दुकानदार की हत्या से खौफ में बांग्लादेशी अल्पसंख्यक
प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की. मोनी चक्रवर्ती की हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और हिंदू समुदाय में आक्रोश साफ देखा जा रहा है.
उस्मान हादी के समर्थन में 'मार्च फॉर जस्टिस'
इसी बीच, मारे गए छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की पार्टी 'इंकिलाब मंचो' ने मंगलवार को ढाका में 'मार्च फॉर जस्टिस' के नाम से दिनभर की रैली निकाली. रैली में हादी की हत्या के दोषियों को सजा देने की मांग के साथ-साथ बांग्लादेश में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के वर्क परमिट रद्द करने की मांग भी उठाई गई.
संगठन ने चार सूत्रीय मांगों के तहत यह भी कहा कि जिन आरोपियों ने भारत में शरण ली है, उन्हें वापस लाया जाए, और अगर भारत इनकार करता है तो अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाए.
हादी के समर्थन में कहां-कहां निकाली गई रैली
यह रैली शाहबाग से शुरू होकर साइंस लैब, मोहम्मदपुर, मीरपुर-10, उत्तरा, बाशुंधरा, बड्डा, रामपुरा और जात्राबाड़ी जैसे इलाकों से होती हुई शाम को वापस शाहबाग पहुंची. प्रदर्शनकारियों ने 'हादी का खून बेकार नहीं जाएगा' और 'हत्यारा आजाद क्यों' जैसे नारे लगाए. उन्होंने जांच में प्रगति न होने और चुनाव से पहले सभी आरोपियों को कटघरे में लाने की मांग की.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, अब बाजार में किराना व्यापारी को मार डाला.. 18 दिन में छठा मामला
हादी की मौत से बांग्लादेश की राजनीति में उबाल
32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी की 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इलाज के लिए सिंगापुर ले जाए जाने के बाद 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. उनकी हत्या के बाद से बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव और भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास बढ़ी है.
भारत ने इस पूरे मामले में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है. विदेश मंत्रालय ने इसे 'झूठा नैरेटिव' बताते हुए कहा है कि बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था वहां की सरकार की जिम्मेदारी है. वहीं, मेघालय पुलिस और बीएसएफ ने भी आरोपियों के भारत में घुसने के दावों को बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया है.
aajtak.in