पोप फ्रांसिस की ओर से गर्भपात के अपराध को माफ करने के कैथोलिक पादरियों के अधिकार को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है. पोप ने एक पत्र जारी कर यह कहा है.
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उन्होंने पत्र में लिखा है, ' हालांकि मैं अब भी गर्भपात को एक पाप ही मानता हूं. क्योंकि यह मासूम जिंदगी को खत्म कर देता है. मैं यह भी कहना चाहता हूं कि दुनिया में ऐसा कोई पाप नहीं है, जिसे करने के बाद पछतावा होने पर ईश्वर माफ ना कर दें. मैं ऐसी कई महिलाओं से मिला हूं, जो गर्भपात कराने के बाद पछतावे का एहसास सीने में दबाकर जीती हैं.
इसलिए पादरी माफी मांगने की यात्रा में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं. इसलिए मैं गर्भपात जैसे पाप करने वाले सभी लोगों को दोषमुक्त करने का अधिकार पादरियों को देता हूं'.
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गौरतलब है कि पादरियों को यह विशेषाधिकार पिछले साल 8 दिसंबर को ईयर ऑफ मर्सी के दौरान दिया गया था. यह अधिकार उन्हें एक साल के लिए मिला था, जिसकी अवधि इस साल 20 नवंबर को समाप्त हो गई थी. अब पोप फ्रांसिस के नये पत्र में इस अवधि को अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ा दिया है.
मेधा चावला