अमेरिका ने शुक्रवार सुबह बगदाद एयरपोर्ट पर एयर स्ट्राइक कर ईरान की कुद्स फोर्स के मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराने के बाद तमाम देशों से बातचीत की. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को भी फोन घुमाया और सुलेमानी के खिलाफ ऑपरेशन को लेकर अपनी स्थिति को सामने रखा.
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद ही बगदाद एयरपोर्ट पर हमले को अंजाम दिया गया और सुलेमान को मार गिराया गया. अमेरिका ने कहा कि सुलेमान ईरान व अन्य देशों में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था.
ट्विटर पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने जानकारी दी कि उन्होंने ईरानी जनरल के अमेरिकी ऑपरेशन में मारे जाने के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा समेत जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास, फ्रांस के विदेश मंत्री जिएन युवेस ले ड्रियान और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से बातचीत की.
पोम्पियो ने लिखा, पाकिस्तान के सेना प्रमुख मेजर जनरल बाजवा और मैंने कासिम सुलेमानी को मारने के अमेरिका के रक्षात्मक कार्रवाई को लेकर बातचीत की. उन्होंने आगे जोड़ा कि मध्य-पूर्व में ईरान की गतिविधियां क्षेत्र को अस्थिर करने वाली हैं और हम अमेरिकी हितों, नागरिकों और अपने सहयोगियों की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
पाकिस्तान आर्मी की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स (ISPR) ने ट्वीट में इस बातचीत की पुष्टि की. आईएसपीआर ने ट्वीट किया, पाकिस्तान के सेना प्रमुख को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने टेलिफोन किया और मध्य-पूर्व में तनाव की आशंका व स्थिति को लेकर चर्चा हुई.
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने अधिकतम संयम बरतने पर जोर दिया और शांति-स्थिरता के व्यापक उद्देश्य के तहत क्षेत्र में तनाव घटाने के लिए सभी पक्षों से सकारात्मक भूमिका अदा करने की अपील की. पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने अफगान शांति प्रक्रिया पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई.
पाकिस्तान ने जताई चिंता
इससे पहले, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय सुलेमानी की हत्या के बाद बयान जारी कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की. पाकिस्तान ने मध्य-पूर्व में हालिया घटनाक्रम को लेकर गंभीर चिंता जताई. पाकिस्तान ने कहा कि इन घटनाक्रमों से क्षेत्र की शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है.
बयान में कहा गया, सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता के लिए सम्मान यूएन चार्टर के मूल सिद्धांतों में से एक है जिसका पालन किया जाना चाहिए. यह बहुत जरूरी है कि किसी भी तरह के बल प्रयोग और एकतरफा कार्रवाई से बचा जाए.
बयान में सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और तनाव घटाने में सकारात्मक
भूमिका अदा करने की भी अपील की गई. पाकिस्तान ने कहा कि यूएन चार्टर और
अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक इन मुद्दों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया
जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान के खराब होते संबंधों के पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर असर होंगे. विदेश मंत्री को सदन को बताना चाहिए कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान का क्या रुख है और वह किस तरफ खड़ा है.
पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने भी संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वह मध्य-पूर्व में तनाव कम कराने की कोशिश करे. उन्होंने कहा कि सुलेमानी की हत्या से क्षेत्र में गंभीर तनाव पैदा हो गया है. मंत्री ने आगे कहा कि पहले से हिंसाग्रस्त क्षेत्र में युद्ध को बढ़ावा देना किसी के भी हित में नहीं होगा.
पाकिस्तानी सांसद शेरी रहमान ने कहा कि ईरानी जनरल की हत्या से मध्य-पूर्व में हालात गंभीर हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमें इस पर विस्तार से चर्चा करने की जरूरत है.
पाकिस्तानी सांसद ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से पाकिस्तान में आर्थिक संकट भी पैदा हो सकता है क्योंकि उनका देश पूरी तरह से तेल आयात पर निर्भर है. उन्होंने कहा, आज इराक पर हमला हुआ है, कल पाकिस्तान पर भी हमला हो सकता है. उन्होंने सवाल पूछा कि अगर ऐसी कोई बुरी स्थिति सामने आती है तो सरकार ने इसके लिए क्या तैयारी कर रखी है?