विश्व

कश्मीर पर चीन की इस हिमाकत का भारत ने दिया जोरदार जवाब

  • 1/9

पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दा उठाने की कोशिश एक बार फिर नाकाम रही. हालांकि, चीन की इस हिमाकत पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने आंतरिक मसले में चीन के हस्तक्षेप को मजबूती से खारिज करते हुए कहा है कि चीन को ऐसी नाकाम कोशिशों से सटीक नतीजे पर पहुंचना चाहिए.

  • 2/9

पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने की पहली वर्षगांठ थी. पाकिस्तान की तरफ से चीन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर पर बंद कमरे में चर्चा कराने और इसका अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश की. हालांकि, अपनी इस कोशिश में वह कामयाब नहीं हुआ.

  • 3/9

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर जानकारी दी कि पाकिस्तान-चीन का प्रयास विफल हो गया. तिरुमूर्ति ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आज की अनौपचारिक बैठक में लगभग सभी देशों ने कहा कि जम्मू कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और इसे भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बात के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए.

  • 4/9

भारत के विदेश मंत्रालय ने चीन के कश्मीर मुद्दे में दखल को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि हमने चीन के जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चर्चा कराने की कोशिश का संज्ञान लिया है.

  • 5/9

विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "ये पहली बार नहीं है जब चीन ने ऐसा मुद्दा उठाया है जो पूरी तरह से भारत का आंतरिक मसला है. इससे पहले भी चीन को अपनी इस कोशिश में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन नहीं मिला था. हम अपने आंतरिक मुद्दे में चीन के हस्तक्षेप को खारिज करते हैं. बीजिंग को भी सलाह दी जाती है कि वह ऐसे गैर-जरूरी कोशिशों के सही नतीजे निकाले."

  • 6/9

चीन ने ये कदम ऐसे वक्त में उठाया है, जब लद्दाख में भारत के साथ सैन्य तनाव जारी है. चीन ने बुधवार को कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर एक बयान भी जारी किया था. चीन ने कहा था कि भारत का यह कदम अवैध और अमान्य है. चीन ने यह भी कहा कि कश्मीर की यथास्थिति से छेड़छाड़ को वो स्वीकार नहीं करेगा.

  • 7/9

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग ने कहा, 'चीन कश्मीर क्षेत्र के हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए है. कश्मीर मुद्दे पर चीन की स्थिति स्पष्ट और स्थिर है. इसकी यथास्थिति में कोई भी एकतरफा बदलाव अवैध और अमान्य है. इस मुद्दे को संबंधित पक्षों के बीच बातचीत और परामर्श के माध्यम से शांतिपूर्वक तरीक से हल किया जाना चाहिए. यह मुद्दा पाकिस्तान और भारत के बीच ऐतिहासिक रूप से विवादित रहा है.'

  • 8/9

वांग ने कहा था, भारत और पाकिस्तान दोनों पड़ोसी देश हैं और इसे बदला नहीं जा सकता. दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध दोनों देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भी हित में है. चीन उम्मीद करता है कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाएंगे और रिश्ते सुधारेंगे. यह दोनों देशों और पूरे इलाके की प्रगति, शांति और स्थिरता के हक में होगा.'' चीन के इस बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी जवाब दिया था और कहा कि चीन को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.

  • 9/9

एक तरफ, पाकिस्तान चीन की मदद से अंतरराष्ट्रीय मंचों से कश्मीर मुद्दे को उठाने के प्रयास कर रहा है तो दूसरी तरफ, मुस्लिम देशों पर भी समर्थन के लिए दबाव डाल रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सऊदी अरब को चेतावनी दी है कि अगर वह अपनी अगुवाई वाले इस्लामिक सहयोग संगठन में कश्मीर के मुद्दे पर बैठक नहीं बुलाता है तो वह उससे बाहर जाकर मुस्लिम देशों के साथ लामबंदी करेगा. पाकिस्तान ने कहा है कि सऊदी आगे नहीं आता है तो वह उन देशों के साथ चला जाएगा जो कश्मीर मुद्दे पर उसका साथ देने को तैयार हैं.

लेटेस्ट फोटो