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चीन एक बार फिर बना 'संकटमोचक', गदगद हुआ पाकिस्तान

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST
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कोरोना वायरस वैक्सीन की राह देख रहे पाकिस्तान को अपने दोस्त चीन से बड़ी मदद मिली है. चीन इस महीने के अंत तक पाकिस्तान को पांच लाख वैक्सीन की डोज गिफ्ट के रूप में देगा. पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से फोन पर बात करने के बाद इसकी घोषणा की.  

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चीन के इस कदम को कुरैशी ने सद्भावना का संकेत बताते हुए कहा, 'यह एक बहुत अच्छी खबर है जो कोरोना के माहौल में हमें अपने दोस्त चीन से मिली है.' कुरैशी ने यह भी कहा कि चीनी विदेश मंत्री ने वैक्सीन को ले जाने के लिए पाकिस्तान को अपना कार्गो विमान भेजने को कहा है.  

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ये घोषणा पाकिस्तान के ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी (Drap) द्वारा चीन की सिनोफार्म और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के बाद की गई है. अधिकारियों के अनुसार वैक्सीन की खरीद के लिए पाकिस्तान सरकार चीन की दो कंपनियों सिनोफार्म और कैनसिनो के साथ बातचीत कर रही थी.  

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मीडिया से बात करते हुए कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान को 10 लाख और डोज की आवश्यकता होगी और चीनी विदेश मंत्री ने फरवरी के अंत तक इसे देने पर सहमति जताई है.   

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कुरैशी ने मीडिया से कहा, 'चीन ने सद्भावना दिखाते हुए वैक्सीन की खेप मुफ्त में सौंपने का वादा किया है. मजबूत रणनीतिक संबंधों के मद्देनजर, चीन ने पाकिस्तान को Covid-19 वैक्सीन की आपूर्ति करने वाला पहला देश माना है.'  

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कुरैशी ने ट्विटर पर भी चीन के तारीफों के पुल बांधे हैं. एक साथ किए गए कई ट्वीट में कुरैशी ने वांग यी का आभार जताया है. कुरैशी ने लिखा, 'कोरोना के खिलाफ लड़ाई में चीन ने पाकिस्तान को तकनीकी और चिकित्सा सहायता देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.'

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कुरैशी ने लिखा है, 'चीनी वैक्सीन के अच्छे नतीजों और हमारे ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए पाकिस्तान ने सिनोफार्म के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है. पाकिस्तान चीन द्वारा भेंट किए गए वैक्सीन की 500,000 डोज की बहुत सराहना करता है.'  

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पाकिस्तान का लक्ष्य अपनी 70 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगाने का है, ऐसे में उसे करोड़ों डोज की जरूरत पड़ने वाली है. पाकिस्तान, भारत के सीरम इंस्टिट्यूट में बन रही कोरोना वैक्सीन को हासिल करने के लिए भी प्रयासरत है. हालांकि, पाकिस्तान को द्विपक्षीय समझौते के तहत ये वैक्सीन मिलने की संभावना कम ही है इसीलिए उसकी नजरें वैक्सीन को लेकर बने वैश्विक गठबंधन कोवैक्स पर टिकी हुई हैं.

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