'कैंडिडेट लिस्ट और रणनीति चुराने की कोशिश...', ED रेड पर भड़कीं CM ममता

ईडी ने कोलकाता IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में छापेमारी की. इस बीच, ममता बनर्जी खुद घटनास्थल पर पहुंचीं, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया.

Advertisement
ईडी की छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं ममता बनर्जी (Photo: PTI) ईडी की छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं ममता बनर्जी (Photo: PTI)

तपस सेनगुप्ता / अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 08 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:28 PM IST

केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.

सूत्रों के अनुसार, ईडी यह छापेमारी कथित वित्तीय अनियमितताओं के एक मामले में कर रही है. जांच टीम एक साथ प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय में दस्तावेजों की जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं कर रही है. इस कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी का मौके पर आना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Advertisement

मालूम हो कि ममता बनर्जी सीधे उस स्थान पर पहुंचीं जहां ईडी टीम जांच चल रही. उनके आने से माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के खिलाफ एक सियासी निशान के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाइयों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच विवाद की स्थिति बनी रही है.

ईडी छापे पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, कहा- पार्टी दस्तावेज और रणनीति चुराने आए

ईडी की रेड पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईडी हमारी पार्टी के आईटी सेक्टर कार्यालय में इस प्रकार से दस्तावेज लेने आई. मुख्यमंत्री ममता ने इस कार्रवाई को राजनीतिक उत्पीड़न बताया और कहा कि यह सब गृहमंत्री की स्क्रिप्ट के तहत हो रहा है, जो स्वयं देश की सुरक्षा बनाए रखने में असमर्थ हैं.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईडी द्वारा उनके पार्टी दस्तावेजों को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के जब्त किया गया और इस बीच, कुछ मामलों में लोगों के नामों को हटाया जा रहा है. उन्होंने खास तौर पर SIR केस का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाए कि नाम गायब किए जा रहे हैं और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: ममता बनर्जी को SIR में खामियां नजर आईं या बिहार जैसे नतीजे का खतरा?

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की जांच एजेंसियां और गृह मंत्रालय देश और लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में दो समानांतर प्रयास किए जा रहे हैं - एक तरफ मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाने की कोशिशें और दूसरी तरफ अवैध तरीके से संवेदनशील डेटा इकट्ठा करना. मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया.

ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई की पहले से सूचना थी. इसलिए पार्टी से जुड़े सभी हार्ड डिस्क और जरूरी डेटा पहले ही सुरक्षित कर लिया गया था ताकि किसी भी प्रकार की जब्ती से पार्टी के आंतरिक कार्यों और रणनीतियों को नुकसान न पहुंचे.

उन्होंने कहा कि उनका आईटी ऑफिस पहले भी निशाने पर रहा है और वह खुद वहां जाकर पूरी स्थिति की समीक्षा करेंगी. मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि यह देखना उनकी जिम्मेदारी है कि यह कार्रवाई किस उद्देश्य से और किस स्तर पर की गई है.

Advertisement

ममता बनर्जी ने केंद्र की एजेंसियों पर विपक्षी दलों को डराने और कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस राजनीतिक साजिश के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर मजबूती से संघर्ष करती रहेगी.

फाइलें इकट्ठा करने में लगे हैं मुख्यमंत्री ममता के अधिकारी

ED के एक्शन पर कोलकाता में जमकर बवाल हो रहा. टीएमसी के आईटी दफ्तर IPAC से फाइलों को एक कार में डाल दिया गया है. जिस गाड़ी में फाइलें डाली गई हैं उसका नंबर WB - 06 - 5555 है. सीएमओ के अधिकारी कार को घेरे हुए नजर आ रहे हैं.

शुभेंदु अधिकारी बोले - ED को CM ममता के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे

पश्चिम बंगाल के बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ममता के ख़िलाफ़ ईडी को कार्रवाई करनी चाहिए. सरकारी काम में वह बाधा डाल रही हैं. ममता बनर्जी की गाड़ी में फाइलें रखी गईं, जो कि बिल्कुल ग़लत है.

यह भी पढ़ें: क्या है इन ग्रीन फाइलों में? ED रेड के बीच बवाल, ममता की मौजूदगी में जबरन गाड़ियों में रखवाई गईं

ED की छह राज्यों में 15 स्थानों पर छापेमारी

बता दें कि गुरुवार सुबह से ही ईडी ने छह राज्यों में 15 स्थानों पर छापेमारी कर रही है. ये छापेमारी एक बड़े धनशोधन जांच के तहत की गई है, जो फर्जी सरकारी नौकरी जॉइनिंग लेटर के एक घोटाले से जुड़ी हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में एक संगठित गिरोह की जांच की जा रही है.

Advertisement

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement