24 नवंबर को उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर भारी विवाद हुआ. घटना के कुछ दिनों बाद वहां फिर से शांति स्थापित हो गई, परंतु राजनीतिक परिस्थिति अशांत बनी रही है. दिल्ली, लखनऊ समेत अन्य स्थानों से समाजवादी पार्टी के नेता संभल जाने के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें पुलिस द्वारा रोक दिया गया या नजरबंद कर दिया गया. यह घटनाक्रम सवाल खड़े करता है कि यह विशेष राजनीतिक दल पर सरकार की कठोरता है या फिर संभल के नाम पर उनकी राजनैतिक गतिविधियों का प्रदर्शन?