ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. इसी बीच ग्रेटर नोएडा पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर लोटस ग्रीन के मालिक निर्मल सिंह (निर्मल कुमार) के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है. इस मामले में बिल्डर के खिलाफ पहले ही मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और पुलिस उनके दफ्तर को सील कर चुकी है.
पुलिस ने बताया कि निर्मल सिंह के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट इसलिए जारी किया गया है, क्योंकि निर्मल सिंह फरार चल रहे हैं. अब कोर्ट के जरिए से उनके घर और ऑफिस को कुर्क करने की तैयारी चल रही है.
अब तक 3 बिल्डर गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में पुलिस अब तक तीन बिल्डरों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार किए गए लोगों में MZ विज टाउन के मालिक अभय सिंह और लोटस ग्रीन के दो डायरेक्टर शामिल हैं.
पुलिस की तरफ से दर्ज किए गए दूसरे मुकदमे में कुल पांच लोगों को नामजद किया गया था. बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है, जबकि मुख्य मालिक निर्मल सिंह के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कस गया है.
16-17 जनवरी की दरमियानी रात को हुआ हादसा
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की दमियानी रात को घने कोहरे के बीच युवराज मेहता गुरुग्राम से घर लौट रहे थे. इसी दौरान उनकी कार एक तीखे मोड़ पर सड़क से फिसलकर निर्माणाधीन साइट के पास एक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. ये गड्ढा कई सालों से बिना बैरिकेडिंग, लाइटिंग या सुरक्षा उपायों के खुला पड़ा था. युवराज ने कार की छत पर चढ़कर फ्लैश लाइट जलाकर मदद मांगी, लेकिन देर रात तक कोई सहायता नहीं पहुंची और वे डूब गए.
गुस्साए परिजनों का आरोप है कि ये घटना न केवल एक हादसा, बल्कि प्रशासनिक और बिल्डरों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है. युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पुलिस ने एमजेड विज टाउन और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.
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