उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी में मलजल गिराने के आरोप में अलकनंदा क्रूज लाइन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने यह कार्रवाई एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की है, जिसमें क्रूज से गंदगी नदी में गिरती हुई दिखाई दे रही थी.
वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने एक जांच टीम बनाई, जिसने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है. इस रिपोर्ट के आधार पर न केवल जुर्माना लगाया गया है, बल्कि विभाग ने क्रूज प्रबंधन से इस लापरवाही पर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा है.
अधिकारियों ने कहा है कि गंगा की स्वच्छता से समझौता करने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त रुख अपनाया जाएगा. फिलहाल क्रूज लाइन को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की चेतावनी दी गई है.
वायरल वीडियो से खुली पोल
कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें अलकनंदा क्रूज से सीधे गंगा के पानी में मलजल गिरता हुआ नजर आया था. स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया था. इसके बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीम का गठन किया, जिसने मौके पर विसंगतियां पाईं.
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प्रदूषण विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने क्रूज संचालक पर ₹5,000 का अर्थदंड लगाया है. जुर्माने के साथ-साथ विभाग ने क्रूज प्रबंधन को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए. प्रशासन के द्वारा उठाया गया यह कदम गंगा प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार के सख्त निर्देशों का हिस्सा माना जा रहा है.
रोशन जायसवाल