यूपी STF हलाल सर्टिफिकेट मामले में मौलाना मदनी से फिर करेगी पूछताछ, नोटिस जारी, अगले हफ्ते होना होगा पेश

हलाल सर्टिफिकेशन देने के मामले में यूपी एसटीएफ ने एक बार फिर से नोटिस जारी कर जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी को पूछताछ के लिए बुलाया है. उन्हें अगले हफ्ते एसटीएफ के मुख्यालय पर पेश होना होगा.

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मौलाना महमूद असद मदनी. (फाइल फोटो) मौलाना महमूद असद मदनी. (फाइल फोटो)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 10 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 8:29 AM IST

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टॉस्क फोर्स ने (UPSTF) अवैध हलाल सर्टिफिकेट देने के मामले में जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी से फिर पूछताछ करेगी. एसटीएफ ने मदनी से दोबारा पूछताछ करने के लिए नोटिस भी जारी किया है. मौलाना मदनी को अगले हफ्ते एसटीएफ के सामने पेश होना होगा. 

हलाल सर्टिफिकेट जारी करने वाली कई अन्य संस्थाओं और हलाल सर्टिफिकेट ट्रस्ट के पदाधिकारी से पूछताछ के बाद महमूद मदनी को STF ने फिर सेत पूछताछ के लिए बुलाया है. इस मामले में अब तक हुई जांच और पूछताछ में अवैध हलाल सर्टिफिकेट से होने वाली कमाई शेल कंपनियों के जरिए डाइवर्ट करने की जानकारी एसटीएफ को मिली है.

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4 पदाधिकारियों को किया था गिरफ्तार

STF ने जांच के बाद हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया (मुंबई) के चार पदाधिकारियों मौलाना मुदस्सिर, हबीब यूसुफ पटेल, अनवर खान और मोहम्मद ताहिर को गिरफ्तार किया था. बीते साल, 2023 में 23 नवंबर को लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में हलाल सर्टिफिकेट देकर धोखाधड़ी करने वालों पर एफआईआर दर्ज हुई थी. इस मामले की जांच STF को दी गई थी.

यह भी पढ़ें: गृह मंत्री को मौलाना मदनी का लेटर, नमाज पढ़ रहे लोगों को लात मारने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ की ये मांग

क्या है मामला

बता दें कि हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया NABCB (National Accredation Board For Certification Bodies) या अन्य किसी सरकारी संस्था से अधिकृत नहीं है. इनके द्वारा प्रमाण पत्र जारी करने से पहले किसी भी प्रोडक्ट का कोई लैब टेस्ट नहीं करवाया जाता. संस्था के द्वारा बिना किसी जांच, बिना किसी लैब टेस्ट के केवल हलाल सर्टिफाइड का लोगो देकर वसूली की जा रही थी. 

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एक्सपोर्ट होने वाली मांसाहारी प्रोडक्ट के साथ-साथ रेस्टोरेंट में परोसी जाने वाली डिशेज को भी हलाल सर्टिफिकेट देते थे, जबकि संस्था का डिश को बनाने में कोई कंट्रोल नहीं था. मनमाने तरीके से पैसा लेने के नीयत से सिर्फ हलाल प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे थे.

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