'मैं मायके से त्रिपाठी और ससुराल से मिश्रा हूं...' कानपुर की ठाकुर गर्ल आस्था के जवाब में सामने आईं ऋतु

कानपुर के बैंक में दो महिला कर्मचारियों के बीच हुआ विवाद अब दोनों के सार्वजनिक बयानों के बाद नया रूप ले लिया है. पहले बैंक कर्मचारी आस्था सिंह का वीडियो सामने आया, अब ऋतु त्रिपाठी मिश्रा ने भी अपनी बात रखी है. दोनों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला जातीय टिप्पणी और महिला गरिमा के सवालों तक पहुंच गया है.

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आस्था सिंह के बाद अब ऋतु त्रिपाठी ने भी वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है (Photo: Screengrab) आस्था सिंह के बाद अब ऋतु त्रिपाठी ने भी वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • कानपुर ,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:40 AM IST

कानपुर के बैंक में महिला कर्मचारियों के बीच हुई कहासुनी अब तक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. 6 जनवरी को हुआ विवाद उस समय सार्वजनिक हुआ जब बैंक कर्मचारी आस्था सिंह का एक वीडियो सामने आया. जिसमें वह कहती दिखीं मैं ठाकुर हूं, ज्यादा बकवास मत करो...इस वीडियो के वायरल होने के बाद आस्था सिंह सामने आईं और पूरी बात रखी. इसके बाद  ऋतु त्रिपाठी का भी वीडियो सामने आया है. उन्होंने भी उस वीडियो के बारे में बताया है. 

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ऋतु त्रिपाठी मिश्रा का जवाब

ऋतु त्रिपाठी ने वीडियो जारी कर कहा कि नमस्कार, राधे-राधे. मैं ऋतु त्रिपाठी मिश्रा हूं. मायके से त्रिपाठी हूं और ससुराल से मिश्रा हूं. जिन त्रिपाठियों के बारे में तथाकथित ‘ठाकुर गर्ल’ द्वारा बातें कही गईं और जिनकी बेइज्जती बताई गई, वह मैं ही हूं. जिस परिवार की प्रतिष्ठा पर सवाल उठे, वह मेरा परिवार है. जिन्हें गालियां सुननी पड़ीं, वह मैं हूं. जिन्हें लैपटॉप मारने तक की धमकी दिए जाने की बात कही गई, वह भी मैं ही हूं. वह मेरे पति हैं, मेरा परिवार है. इतना सब होने के बाद भी मैंने कोई वीडियो वायरल नहीं किया. मैं किसी तरह के झूठे वीडियो फैलाकर चर्चा में आने या किसी नायिका की छवि बनाने की इच्छा नहीं रखती. मैं ब्राह्मण हूँ और अपनी पहचान पर मुझे गर्व है. मैं आप सभी से केवल इतना निवेदन करती हूं कि यदि मैं गलत नहीं हूँ, तो मेरा साथ दें. कानपुर की एक बेटी होने के नाते मैं न्याय और सम्मान की अपेक्षा करती हूं.

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आस्था सिंह ने क्या कहा 

आस्था सिंह का आरोप है कि बैंक परिसर में उनसे ऊंची आवाज में सवाल पूछे गए. उन्होंने दावा किया कि बातचीत के दौरान उनकी जाति के बारे में पूछा गया और कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. जब मेरे से जाति पूछी गई तो मैंने बता दिया. आस्था ने यह भी कहा कि विवाद की जड़ केवल इस्तीफा नहीं था. उनके मुताबिक, उसी दिन सुबह रितु त्रिपाठी की बहन बैंक आई थीं और किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. आस्था का दावा है कि दोपहर में उसी घटना को लेकर रितु अपने पति के साथ बैंक पहुंचीं और स्थिति विवाद में बदल गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें नौकरी से निकलवाने की धमकी दी गई. आस्था का कहना है कि इस पूरे प्रकरण को कुछ लोग जातीय और राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनके अनुसार यह मामला एक महिला कर्मचारी की गरिमा और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़ा है.

दोनों की बातें अलग-अलग

दोनों पक्षों के बयानों में आरोपों की दिशा अलग-अलग है. जहां आस्था सिंह कार्यस्थल पर कथित दबाव और धमकी की बात कर रही हैं, वहीं ऋतु त्रिपाठी मिश्रा परिवार की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि पर प्रश्न उठने की बात कह रही हैं. आस्था सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि जाति के आधार पर राज्य सरकार को घसीटना उचित नहीं है.

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