UP के इस जिले में 4 हजार टीचरों ने मनाया 'ब्लैक-डे', जानें वजह

16 जनवरी को सामूहिक विवाह का कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया था. इसमे जिला प्रशासन द्वारा महिला टीचरों की ड्यूटी दुल्हन को सजाकर उसको मंडप स्थल तक लाने और लोगों के स्वागत के लिए आदेश जारी किया था. आदेश को लेकर साढ़े 4 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने काले कपड़े पहनकर ब्लैक डे मनाया.

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बांदा में टीचरों ने मनाया 'ब्लैक-डे'. बांदा में टीचरों ने मनाया 'ब्लैक-डे'.

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 19 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:38 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा में 1725 स्कूलों में साढ़े 4 हजार से ज्यादा टीचरों ने काले कपड़े पहनकर ब्लैक डे मनाया. साथ ही नारेबाजी करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी को मांग पत्र सौंपा. कहा कि भविष्य में हमसे ऐसे कोई काम न कराया जाए, जो हमारी गरिमा के खिलाफ हों. हम टीचर हैं. हम बच्चों को पढ़ाते है, जो देश मे अपना नाम रोशन करते हैं. हमे पढ़ाने दिया जाए.

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दरअसल, 16 जनवरी को सामूहिक विवाह का कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया था. इसमे जिला प्रशासन द्वारा महिला टीचरों की ड्यूटी दुल्हन को सजाकर उसको मंडप स्थल तक लाने और लोगों के स्वागत के लिए आदेश जारी किया गया था. आदेश को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ विरोध में उतर आया है. शुक्रवार को पूरे जिले के 1725 स्कूलों में साढ़े 4 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने काले कपड़े पहनकर ब्लैक डे मनाया.

शिक्षक मर्यादा के विपरीत लगाई गई हमारी ड्यूटी

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि बीते दिन सामूहिक विवाह में टीचर को द्वार पर स्वागत के लिए. दुल्हन को सजाने के लिए शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई गई थी. हम सरकार के पूरे कार्य मन से करते हैं. हमारी ड्यूटी शिक्षक मर्यादा के विपरीत लगाई गई थी. इसको लेकर 19 जनवरी को 1725 स्कूलों में करीब साढ़े 4 हजार शिक्षकों ने काले कपड़े पहनकर ब्लैक डे मनाया है.

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मांगपत्र सौंपते टीचर.

बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर मांगपत्र सौंपा

आशुतोष त्रिपाठी ने आगे बताया कि आज हम सभी मिलकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर मांगपत्र दे रहे हैं. इसमें कहा गया है कि भविष्य में हमसे कितने भी काम लिए जाए, जो शिक्षक मर्यादा के अनुरूप हो. हम करेंगे, लेकिन बगैर अनुरूप कार्य हमसे न लिया जाए. शासन के सख्त निर्देश है कि शिक्षकों से किसी भी प्रकार का कार्य न कराया जाए. मगर, इस तरह के आदेश से हम शिक्षकों का मनोबल गिरता है. 

मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कही ये बात

बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रिंसी मौर्य ने बताया कि सभी टीचरों की मांग थी कि उनकी गैर विभागीय ड्यूटी न लगाई जाए. मैं इस बात को अपने उच्च अधिकारियों के समक्ष रखूंगी. आगे से ध्यान भी दिया जाएगा कि उनकी ड्यूटी विभागीय कार्य के अलावा न लगे.

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