Ayodhya Ram Mandir: रामलला के लिए विशेष कपड़े, 15 लाख बुनकरों ने मिलकर किया तैयार, CM योगी ने की तारीफ

रामलला विराजमान के लिए वस्त्र बनाने के लिए अनुमानित 10 से 15 लाख लोग हथकरघा पर बुनाई में शामिल थे. खुद सीएम योगी ने कपड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को सौंपे हैं.

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रामलला के वस्त्र रामलला के वस्त्र

aajtak.in

  • अयोध्या ,
  • 17 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:13 AM IST

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तारीख नजदीक है. इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को रामलला की मूर्ति के लिए हस्तशिल्पियों द्वारा बुने गए विशेष कपड़े सौंपे. इन कपड़ों की बुनाई में 10 से 15 लाख लोग शामिल थे. कड़ाके की ठंड के बीच इन्हें श्री रामलला को पहनाया जाएगा. 

'दो धागे श्री राम के लिए' अभियान के आयोजक, पुणे स्थित हेरिटेज हैंडवीविंग रिवाइवल चैरिटेबल ट्रस्ट के अनुसार, रामलला विराजमान के लिए वस्त्र बनाने के लिए अनुमानित 10 से 15 लाख लोग हथकरघा पर बुनाई में शामिल थे. 

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वहीं, सीएम योगी ने कहा कि 12 लाख से अधिक हस्तशिल्पियों द्वारा राम भक्ति के ताने-बाने में ये कपड़े बुने गए हैं. सीएम ने कारीगरों के प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. खुद सीएम योगी ने कपड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को सौंपे हैं. इस अवसर पर मौजूद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ संरक्षक सुरेश जोशी भैया ने भी अपने विचार व्यक्त किए. 

क्या बोले सीएम योगी आदित्यनाथ? 

सीएम योगी ने कहा- "नई अयोध्या में अब कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा, बल्कि भगवान श्री राम के नाम पर 'संकीर्तन' किया जाएगा." सीएम ने 1990 में अयोध्या की ओर मार्च कर रहे कार सेवकों पर गोली चलाने के तत्कालीन मुख्यमंत्री के आदेश का जिक्र करते हुए आगे कहा, "यहां अब कभी गोलियां नहीं चलेंगी, बल्कि राम भक्तों को लड्डू मिलेंगे."

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मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि अब कोई भी अयोध्या में पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा को रोकने की हिम्मत नहीं करेगा. सोते, जागते, खाते, खुशी में, दुख में और यहां तक ​​कि जीवन की अंतिम यात्रा में भी राम का नाम लिया जाता है.

अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि अयोध्या शहर को गोरखपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, हर जगह से बेहतर कनेक्टिविटी मिली है. हम जल्द ही लखनऊ से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रहे हैं. 

रामलला के लिए विशेष कपड़े

बता दें कि रामलला की मूर्ति के लिए कपड़े बुनने में हाथ बंटाने के लिए करीब 15 लाख से लोग पुणे आए थे. इस पहल को दो धागे श्री राम नाम दिया गया. 10 दिसंबर से शुरू हुई ये पहल 13 दिनों तक चली. इस दौरान धोती, अंगरखा और उत्तरिये (धोती के साथ पहने जाने वाले दुपट्टे का प्रकार) को बैंगनी, हरे और पीले जैसे आठ रंगों में बनाया गया. 

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