Ayodhaya: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और विशेष रामलीला का आयोजन, 15 से 22 जनवरी तक रामकथा पार्क में होगा मंचन

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इस बार का दीपोत्सव ख़ास है. क्योंकि रामलला के अपने मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले ये आख़िरी दीपोत्सव होगा. अब मंदिर तक दर्शन मार्ग पूरा हो रहा है, जिससे रामभक्तों को आने में भी आसानी होगी.

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अभिनेता और सांसद रवि किशन (फाइल फोटो). अभिनेता और सांसद रवि किशन (फाइल फोटो).

शिल्पी सेन

  • लखनऊ,
  • 26 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 11:09 PM IST

राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव 15 जनवरी 2024 से शुरू हो जाएगा. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के अयोध्या आने की उम्मीद है. इस दौरान रामलीला का आयोजन 4 बजे से 8 बजे तक राम कथा पार्क में किया जाएगा. 

अयोध्या में होने वाली रामलीला विश्व की सबसे बड़ी रामलीला है, जिसे इस बार 32 करोड़ से ज्यादा लोगों ने यूट्यूब और दूरदर्शन के माध्यम से देखा है. अयोध्या की रामलीला के अध्यक्ष सुभाष मलिक जी ने जानकारी दी है कि भगवान राम का भविष्य मंदिर उनके भक्तों के लिए खुल जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे.

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इस अवसर पर रामलीला का आयोजन कर अयोध्या को उत्सवमय बनाने की तैयारी है.उन्होंने आगे बताया कि अभिनेत्री भाग्यश्री सीता के रूप में नजर आएंगी. वहीं, अभिनेता और सांसद रवि किशन लक्ष्मण की भूमिका निभाएंगे. मनोज तिवारी अंगद, गजेंद्र चौहान परशुराम की भूमिका में नजर आएंगे.

रामलीला के आयोजक सुभाष मालिक ने बताया कि इस रामलीला में लोकगायिका मालिनी अवस्थी भी नजर आएंगी. शारदीय नवरात्र में होने वाली सितारों की रामलीला की टीम करेगी आयोजन. अयोध्या आने वाले राम भक्तों के लिए होगा रामलीला का आयोजन किया जाएगा. 

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रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए ‘अक्षत’ बांटकर दिया जाएगा न्योता

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले ‘अक्षत पूजन’ होगा, जिसके माध्यम से रामभक्तों को निमंत्रण दिया जाएगा. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने यह एक्सक्लूसिव जानकारी आज तक को दी  है. 

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उन्होंने कहा कि इस बार का दीपोत्सव ख़ास है. क्योंकि रामलला के अपने मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले ये आख़िरी दीपोत्सव होगा. अब मंदिर तक दर्शन मार्ग पूरा हो रहा है, जिससे रामभक्तों को आने में भी आसानी होगी. 

प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर हुई बैठक में ट्रस्ट से जुड़े संत शामिल हुए थे. इसमें वैष्णव, शैव और शाक्त सभी पूजा पद्धति को मानने वाले संत थे, लेकिन रामलला की प्राणप्रतिष्ठा की पूजा वैष्णव मत के अनुसार होगी. रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला के मंदिर से अक्षत( पूजा में प्रयोग होने वाला साबुत चावल) बाँटकर लोगों को न्योता दिया जाएगा.

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अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, औषधि अधिवास परम्परा

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने यह भी कहा है कि राम की प्राण प्रतिष्ठा पूजा में अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, औषधि अधिवास जैसी पूजा परम्पराओं निर्वाह होगा. प्राणप्रतिष्ठा पूजा में सब मंत्र राम से सम्बंधित होंगे, जैसे जहां होता है ‘देवस्य’ प्राण प्रतिष्ठा कहा जाता है वहां ‘रामस्य’ प्राण प्रतिष्ठा कहा जाएगा.

22 जनवरी को पीएम मोदी करेंगे शिरकत

प्रधानमंत्री मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं. आजतक से बात करते हुए राममंदिर के मुख्य ट्रस्टी और महासचिव चंपत राय ने कहा कि 22 तारीख को हाई सिक्योरिटी के प्रबंध किए गए हैं. मुख्य समारोह के लिए आमंत्रित व्यक्तियों को लिस्ट तैयार की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि वाराणसी के पुजारी राधे श्याम दीक्षित ने 22 जनवरी की तारीख दी है और उसी दिन अनुष्ठान भी करेंगे. उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण अंतिम चरण में है और पहला चरण जनवरी के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा.

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