चार शादियां और एक के बाद एक फरारी से हड़कंप, यूपी के इस गांव में लुटेरी दुल्हनों का आतंक

संभल जिले के पतरौआ गांव में बंगाल की लुटेरी दुल्हनों ने कई परिवारों को निशाना बनाया. मैरिज ब्रोकर काजल के जरिए कराई गई चार शादियों के बाद तीन दुल्हनें जेवर और नकदी लेकर फरार हो गईं. चौथी दुल्हन को भागने से पहले पकड़ लिया गया. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.

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लुटेरी दुल्हनों ने कई परिवारों को ठगा (Photo: Abhinav Mathur/ITG) लुटेरी दुल्हनों ने कई परिवारों को ठगा (Photo: Abhinav Mathur/ITG)

अभिनव माथुर

  • संभल ,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के पतरौआ गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बंगाल से आई लुटेरी दुल्हनों का एक पूरा सिलसिला सामने आया. गांव के अलग-अलग परिवारों में एक के बाद एक चार शादियां कराई गईं और फिर तीन दुल्हनें शादी के कुछ ही दिनों बाद घर से जेवर, नकदी और सामान लेकर फरार हो गईं. चौथी दुल्हन भी भागने की तैयारी में थी, लेकिन समय रहते परिजनों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया.

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पुलिस के अनुसार, इन सभी शादियों के पीछे काजल नाम की एक मैरिज ब्रोकर का नाम सामने आया है. काजल ने बंगाल की रहने वाली लड़कियों को गांव के युवकों से शादी के लिए लाया और हर शादी के बदले 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की रकम ली. शादी के कुछ दिनों बाद ही दुल्हनों के फरार होने से पूरे गांव में डर और नाराजगी का माहौल है.

मैरिज ब्रोकर काजल के जरिए हुईं चार शादियां

गांव में सबसे पहले शादी रामजीमल के बेटे भोला की हुई थी. दिसंबर महीने में रामजीमल बदायूं में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. वहीं उनकी मुलाकात काजल नाम की मैरिज ब्रोकर से हुई. बेटे की शादी की बातचीत हुई तो काजल ने कई लड़कियों की फोटो दिखाई. परिवार की सहमति के बाद बंगाल की रहने वाली बताई जा रही आरती नाम की युवती से रिश्ता तय हुआ. 26 दिसंबर को गांव में पूरे रीति-रिवाज से शादी हुई. शादी में दुल्हन ने परिवार के साथ डांस भी किया और सात फेरे लेकर दांपत्य जीवन की शुरुआत की.

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करीब दस से पंद्रह दिन तक आरती परिवार के साथ रही. घर में खुशी का माहौल था. लेकिन एक रात भोला वॉशरूम गया और इसी दौरान आरती 10 हजार रुपये नकद और करीब 30 से 40 हजार रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई. परिजनों ने तलाश शुरू की तो वह घर से गायब मिली. बाद में गांव की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में आरती मैरिज ब्रोकर काजल और एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार होती दिखाई दी.

शादी के कुछ दिन बाद जेवर और नकदी लेकर फरार हुईं दुल्हनें

आरती के फरार होने से पहले ही काजल ने उसी गांव के तीन अन्य परिवारों में भी शादियां तय कर दीं. 9 जनवरी को गांव में राजू, प्रवेश और गुरुचरण की शादियां हुईं. इन तीनों शादियों के बदले भी काजल ने अलग-अलग परिवारों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूले. शादी के बाद एक परिवार पंजाब चला गया और दूसरा दिल्ली रहने चला गया, जबकि राजू अपनी पत्नी पूजा के साथ गांव में ही रहा.

शादी के कुछ ही दिनों बाद पंजाब में रहने वाली दुल्हन घर छोड़कर फरार हो गई. इसी तरह दिल्ली में रहने वाले परिवार की दुल्हन भी जेवर और सामान लेकर भाग गई. इसके बाद गांव में रह रही पूजा भी फरार होने की तैयारी करने लगी. लेकिन जब वह घर से सामान समेटकर निकलने लगी, तो परिजनों को शक हुआ. गांव वालों की भीड़ इकट्ठा हुई और पूजा को पकड़ लिया गया.

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सीसीटीवी फुटेज में ब्रोकर और युवक के साथ जाती दिखी दुल्हन
 

सूचना मिलने पर चंदौसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने पूजा से पूछताछ की. इसी दौरान पूजा ने मैरिज ब्रोकर काजल को फोन किया. फोन हैंडफ्री पर था और बातचीत के दौरान पूजा इशारों में काजल को अपने पकड़े जाने का मैसेज देती रही. पूजा ने काजल से पैसे वापस लौटाने और उसे बचाने की गुहार भी लगाई. फोन पर हुई बातचीत से यह साफ हो गया कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है.

पुलिस ने पूजा को हिरासत में लेकर थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की. तलाशी के दौरान पूजा के पास से एक आधार कार्ड मिला, जिस पर उसका असली नाम आयशा खातून दर्ज था और पता पश्चिम बंगाल का था. इसके बाद धर्म छुपाकर शादी करने का शक और गहरा हो गया.

भागने से पहले एक दुल्हन पकड़ी गई, खुलने लगे राज
 

रामजीमल के बेटे रंजीत का कहना है कि शादी के समय लड़की ने अपना नाम आरती बताया था. बाद में उसकी हरकतों से शक हुआ. फोन पर बातचीत के दौरान वह नमस्ते की जगह सलाम वालेकुम जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती थी. कई बार आधार कार्ड मांगा गया, लेकिन उसने नहीं दिखाया. बाद में सच्चाई सामने आई.

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राजू के पिता महेश चंद्र ने बताया कि बेटे की पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने दूसरी शादी कराई थी. उन्हें लड़की के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. काजल ही लड़की को लेकर आई थी और उसी ने शादी कराई थी. पूजा के भागने की कोशिश के बाद पुलिस को बुलाया गया.

आधार कार्ड से सामने आई असली पहचान, पश्चिम बंगाल कनेक्शन

राजू ने बताया कि उसने शादी के बदले काजल को 53 हजार रुपये दिए थे. वहीं गांव के ही अजय शर्मा ने बताया कि उनके साढ़ू के लड़के की शादी भी काजल के जरिए कराई गई थी, लेकिन वह दुल्हन भी दिल्ली से फरार हो गई. शादी के बदले काजल ने एक लाख रुपये लिए थे और दुल्हन चांदी के जेवर भी साथ ले गई.

इस पूरे मामले पर संभल के अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि गांव से इस तरह के तीन से चार मामले सामने आए हैं. पूजा नाम की महिला के पास से आयशा खातून नाम का आधार कार्ड मिला है. काजल नाम की मैरिज ब्रोकर की तलाश की जा रही है और पीड़ित परिवारों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

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