फर्जी सर्टिफिकेट लगाकार चुनाव जीतने का आरोप, खतरे में समाजवादी पार्टी के विधायक फहीम इरफान की विधायकी

मामले में आरोप है कि फर्जी OBC प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव जीता गया. संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया गया, जिसके बाद उसे निरस्त करने की कार्रवाई की गई. मामला सामने आने के बाद उनकी विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है.

Advertisement
आरोप है कि फर्जी OBC प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव जीता गया. Photo ITG आरोप है कि फर्जी OBC प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव जीता गया. Photo ITG

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

समाजवादी पार्टी (सपा) के एक और विधायक पर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा है. मुरादाबाद जिले के बिलारी विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक फहीम इरफान का नाम इस मामले में सामने आया है. जांच के बाद उनके और उनके परिवार के OBC प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं.

मामले में आरोप है कि फर्जी OBC प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव जीता गया. संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया गया, जिसके बाद उसे निरस्त करने की कार्रवाई की गई. मामला सामने आने के बाद उनकी विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है.

Advertisement

बताया जा रहा है कि अब्दुल्लाह आज़म प्रकरण के बाद इस तरह का यह दूसरा मामला सामने आया है. मामले को लेकर आगे की वैधानिक प्रक्रिया जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी.

अब्दुल्ला आजम से जुड़ा मामला आ चुका है सामने
गौरतलब है कि ऐसा ही एक मामला आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़ा हुआ था. 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़ा बड़ा विवाद सामने आया था. आरोप लगा कि उस समय अब्दुल्ला आजम चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र पूरी नहीं कर रहे थे, इसलिए उनकी उम्र अधिक दिखाकर जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया गया. इसी बदले हुए रिकॉर्ड के आधार पर उन्होंने चुनाव लड़ा और विधायक बने. इस मामले को लेकर आकाश सक्सेना ने अदालत में याचिका दायर की. सुनवाई के बाद कोर्ट ने जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में अब्दुल्ला आजम के साथ आजम खान को भी दोषी मानते हुए सजा सुनाई.

Advertisement

अब्दुल्ला आजम ने दो पैन कार्ड बनवाए
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अलग-अलग जन्म तिथियों वाले दस्तावेजों के आधार पर अब्दुल्ला आजम ने दो पैन कार्ड बनवाए और पासपोर्ट भी हासिल किया. जैसे ही नामांकन दाखिल हुआ, राजनीतिक विरोधियों ने इस मुद्दे को उठाया और जन्म तिथि को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बाद में दो जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड का मामला सुर्खियों में आया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement