कनव की तरह एक साल के भूदेव को है 18 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत, नहीं तो चली जाएगी मासूम की जान

सहारनपुर जनपद के खजूर वाला गांंव में रहने वाला एक साल का भूदेव शर्मा इन जानलेवा बीमारी से पीड़ित है. परिवार के मुताबिक, भूदेव बीमारी की जिस स्टेज में है उसके चलते बेटे के पास जीवित रहने के लिए मात्र चार-पांच महीने का समय ही बचा हुआ है.

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स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी रोग से पीड़ित है एक साल का भूदेव शर्मा (Photo Aajtak). स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी रोग से पीड़ित है एक साल का भूदेव शर्मा (Photo Aajtak).

अनिल कुमार भारद्वाज

  • सहारनपुर,
  • 14 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:33 PM IST

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी, यह एक न्यूरो मस्‍कुलर डिसऑर्डर है. इससे पीड़ित बच्चा धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है और चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है. क्योंकि वह मांसपेशियों की गतिविधियों पर अपना काबू खो देता है.

बीते दिनों दिल्ली के रहने वाले दंपत्ति के डेढ़ साल के बेटे कनव के लिए स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी रोग से बचाने वाला जोलगेनेस्मा इंजेक्शन मंगाया गया था. इस इंजेक्शन की कीमत 18 करोड़ रुपए के करीब है. कनव को यह इंजेक्शन दे दिया गया है. उसकी हालत में पहले से सुधार है. हाथों में मूवमेंट आ गया है. डॉक्टरों का कहना है कि धीरे-धीरे कनव के पैरों में जान आने लगेगी.

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यूपी में सामने आया स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी का केस

अब स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी रोग का एक और केस यूपी से सामने आया है. सहारनपुर जनपद के खजूर वाला गांंव में रहने वाला एक साल का भूदेव शर्मा इन जानलेवा बीमारी से पीड़ित है. परिवार के मुताबिक, भूदेव बीमारी की जिस स्टेज में है उसके चलते बेटे के पास जीवित रहने के लिए मात्र चार-पांच महीने का समय ही बचा हुआ है. यदि इस दौरान बेटे को जोलगेनेस्मा इंजेक्शन नहीं दिया गया तो उसकी जान जान सकती है. 

यही भी पढ़ें...18 करोड़ की मदद, डेढ़ साल के कनव के लिए कुछ इस तरह 'भगवान' बने लोग

 

साढ़े 17 करोड़ कीमत का लगना है इंजेक्शन

गांव के नागल ब्लॉक में रहने वाले परिवार ने बताया कि भूदेव जेनेटिक बीमारी एस‌एम‌ए टाइप 1 से पीड़ित है. इस बीमारी में बच्चों की मांसपेशियों की ग्रोथ नहीं हो पाती है और धीरे-धीरे शरीर के सभी अंग काम करना बंद कर देते हैं. परिवार ने बताया कि भारत में इस बीमारी का अभी कोई इलाज नहीं है. एम्स दिल्ली और ऋषिकेश के डॉक्टरों को दिखाया था. उन लोगों ने जोलगेनेस्मा इंजेक्शन जो कि अमेरिका से आता है रिकमेंड किया है. परिवार ने बताया कि इस इंजेक्शन की कीमत साढ़े 17 करोड रुपए है. वहीं, भूदेव के पिता एक साधारण किसान हैं.

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एक साल की है भूदेव की उम्र.

भूदेव को बचाने चलाया जा रहा अभियान

सहारनपुर के युवाओं के ग्रुप को भूदेव के बारे में जानकारी मिली. उन लोगों ने परिवार संपर्क किया और पूरी जानकारी ली. इसके बाद भूदेव की जान बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. जन सहयोग से इंजेक्शन खरीदने के लिए 18 करोड़ रुपए जुटाने की कवायद शुरू कर दी गई है. अभी तक 45 लाख रुपए (इनमें दो-तीन लाख का आश्वासन भी जुड़ा है) के लगभग की सहयोग राशि जुड़ चुकी है. मगर, यह राशि नाकाफी है. युवाओं ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से भूदेव की नई जिंदगी देने की अपील की है.

भूदेव के माता-पिता और चाचा की अपील

भूदेव के पिता नाम का अंकित शर्मा और मां का नाम मीनाक्षी है. दोनों ने बेटे भूदेव को बचाने की अपील की है. उन्होंने बताया कि जन्म के 4 महीने तक भूदेव पूरी तरह से ठीक था. बाद में पता चला कि वह इस्पाइनल मुक्युलर अट्रॉफी (SMA) Type 1 बीमारी से ग्रसित हो गया है. बेटे को बचाने के लिए अमेरिका से इंजेक्शन मंगाया जाना है. इस इंजेक्शन की कीमत साढ़े 17 करोड़ रुपए है. हम अकेले इतनी रकम की व्यवस्था नहीं कर सकेंगे.

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