घरेलू हिंसा के आरोपों वाले मामले में उत्तरप्रदेश के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजा भैया के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले मे दाखिल दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इंकार कर दिया है. राजा भैया के खिलाफ उनकी पत्नी भानवी सिंह ने घरेलू हिंसा (IPC 498 A) का मुकदमा दर्ज कराया था. अपने आदेश में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा है कि पुराने आरोपों को फिर से उठाने के लिए दोबारा आपराधिक कानून लागू नहीं किए जा सकते हैं. इसके अलावा लगाए गए आरोप कानूनी समय सीमा से भी बाहर हैं. साथ ही, धारा 498A IPC के तहत अपराध के मूल तत्व भी प्रथम दृष्टया सामने नहीं आए हैं.
भानवी सिंह ने क्या कहा था?
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने कोर्ट के समक्ष अपनी और बेटी की जान पर खतरे की आशंका जताते हुए दिल्ली पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई थी. उन्होंने कहा था कि एक रात किसी ने रहस्यमय ढंग से उनकी और पड़ोसी की गाड़ी जला दी. चूंकि उनका मुकदमा EOW और caw में चल रहा है, इसलिए इंश्योरेंस भी नहीं मिलेगा.
भानवी सिंह ने पुलिस कमिश्नर को भी शिकायती पत्र भेजा था. उसकी कॉपी कोर्ट में पेश की गई. उसमें उन्होंने लिखा था कि आरोपी यानी राजा भैया बहुत रसूखदार और दबंग व्यक्ति हैं. इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि वो 7 बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं.
'बेटियां सड़क पर आ गईं'
कोर्ट में भानवी सिंह के वकील ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजा भैया ने अपने महल परिसर में स्थित तालाबों में अवैध रूप से मगरमच्छ पाल रखे हैं. उनके खिलाफ कई हत्या के मुकदमे चले हैं. घर में बुजुर्गों और महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है. कागजों पर 200 करोड़ रुपए की संपत्ति होने के बावजूद भानवी और उनकी बेटियां सड़क पर आ गई हैं. दोनों बेटियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.
दरअसल ये मामला 2025 में भानवी सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ था. एक-दूसरे पर प्रताड़ना और मानसिक गड़बड़ी के आरोप के बाद राजा भैया और भानवी अलग-अलग रह रहे हैं. उनके तलाक का केस भी चल रहा है.
संजय शर्मा