मेरठ में अपहरण-हत्या से उबाल... पीड़िता के गांव जा रहे सपा नेता रामजीलाल सुमन को पुलिस ने रोका, टोल पर धरना

मेरठ के सरधना क्षेत्र में हुए अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गांव जा रहे समाजवादी पार्टी के नेता रामजीलाल सुमन और अतुल प्रधान को पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर रोक लिया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया.

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सपा नेता रामजीलाल सुमन और अतुल प्रधान को पुलिस ने रोका. (Photo: Screengrab) सपा नेता रामजीलाल सुमन और अतुल प्रधान को पुलिस ने रोका. (Photo: Screengrab)

उस्मान चौधरी

  • मेरठ,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:40 PM IST

उत्तर प्रदेश में मेरठ के सरधना थाना इलाके में हुए दिल दहला देने वाले अपहरण और हत्या के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. इस मामले को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गांव जाने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें मेरठ के काशी टोल प्लाजा पर ही रोक लिया. उनके साथ सपा नेता अतुल प्रधान भी मौजूद थे. पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज दोनों नेताओं ने टोल प्लाजा पर ही धरना शुरू कर दिया.

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दरअसल, यह मामला सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव का है. गांव में गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की तरफ जा रही थी. आरोप है कि इसी दौरान गांव का ही रहने वाला पारस अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और हथियार के बल पर लड़की का अपहरण कर लिया. जब मां ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

यह भी पढ़ें: मेरठ के सरधना में दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद तनाव, परिजनों ने किया अंतिम संस्कार से इनकार; भीम आर्मी-सपा ने खोला मोर्चा

इस जघन्य वारदात के बाद गांव में भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि आरोपी दबंग किस्म के हैं और पहले भी गांव में दहशत फैलाते रहे हैं. घटना के बाद से पीड़िता के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. 

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इस घटना के बाद पूरे गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोगों ने मौके पर खड़ी एंबुलेंस में तोड़फोड़ कर दी थी. इसी के साथ शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया था. कई घंटे बाद काफी समझाने बुझाने पर लोग माने. अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब मामला सुलझा और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. फिलहाल इस मामले के बाद गांव में पुलिस बल तैनात है.

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