माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज है. इसके लिए भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज संगम में जुटे. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे से मौनी अमावस्या का स्नान शुरू हुआ. प्रशासन ने मौनी अमावस्या में तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है.
स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब शनिवार से ही उमड़ पड़ा था. मौनी अमावस्या के स्नान पर्व को लेकर मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है.
मौनी अमावस्या के मौके पर लाखों लोग त्रिवेणी में स्नान के लिए पहुंच रहे हैं. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महाकुंभ 2025 की तर्ज पर संगम में स्नान कर रहे साधु संतों और श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई है. श्रद्धालु और साधु-संत इस अप्रत्याशित पुष्प वर्षा से गदगद हो गए. कई भक्तों ने 'हर हर गंगे', 'जय मां गंगे' और 'योगी जी महाराज की जय' के नारे लगाए. तड़के सुबह से ही संगम में डुबकी लगाने आए लाखों श्रद्धालु, कल्पवासी, साधु-संत और अखाड़ों के महामंडलेश्वर जब पवित्र स्नान कर रहे हैं.
कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद मौनी अमावस्या के मौके पर त्रिवेणी में स्नान के लिए सुबह से ही लाखों श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं. इस मौके पर संगम पहुंचे श्रद्धालुओं का सीएम योगी ने अभिनंदन किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र संगम स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतगणों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन.'
सीएम ने आगे लिखा, 'मोक्षदायिनी मां गंगा और भगवान सूर्य की कृपा से सभी की मनोक्षणाएं पूर्ण हों, जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प जगे, यही प्रार्थना है. हर हर गंगे!'
मौनी अमावस्या पर संगम नगरी प्रयागराज में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ रही है. रात 12 बजे के बाद से श्रद्धालु पवित्र स्नान करने के लिए संगम की तरफ बढ़ रहे हैं. संगम नोज पर तैनात प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि देर रात 12 बजे से संगम नोज पर मौनी अमावस्या का स्नान जारी है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारी व कर्मचारी यहां तैनात हैं, ताकि की व्यवस्था बनी रहे.
उन्होंने बताया कि सुबह चार बजे तक 50 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे. अब ये संख्या और बढ़ गई होगी, मेला प्रशासन इस बारे में आंकड़ा जारी करेगा.
आज 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या मनाई जा रही है. हिंदू धर्म में इस तिथि को बेहद पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान-पुण्य करने, भगवान विष्णु और पितरों की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या पर आज स्नान, तर्पण, पूजा और दान के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त बताए गए हैं, जिनमें किए गए कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
मौनी अमावस्या पर संगम नगरी प्रयागराज में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ रही है. रात 12:00 बजे के बाद से श्रद्धालु मौनी अमावस्या के पावन पर स्नान करने के लिए संगम की तरफ बढ़ रहे हैं. भीड़ को संगम नोज पर नियंत्रित करने के लिए भी पुलिस और पीएसी के जवान लगाए गए हैं. पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर ज्यादा देर नहीं रुकने दे रहे हैं. लोगों को संगम नोज पर स्नान करने के बाद आगे बढ़ाया जा रहा है.
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मौनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालु कोहरे और ठंड का सामना करते हुए बड़ी संख्या में संगम घाट पहुंचे हैं.
स्नान पर प्रयागराज डिवीजन की डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा, 'मौनी अमावस्या के अवसर पर अबतक पचास लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है. श्रद्धालुओं को स्पष्ट मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के लिए यहां पूरी व्यवस्था है और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक भी उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं.'
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद एक श्रद्धालु ने कहा, 'मौनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र स्नान करने के बाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है.'
पवित्र स्नान पर एसपी माघ मेला, नीरज पांडे ने कहा, 'मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान शुभ मुहूर्त में मध्यरात्रि 12:00 बजे से शुरू हो गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं. कुछ श्रद्धालु वापस भी लौटने लगे हैं. मौनी अमावस्या का स्नान सबसे महत्वपूर्ण पवित्र स्नान माना जाता है और इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं.'
प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा, 'मौनी अमावस्या के लिए स्नान शुरू हो चुका है. हमने लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा घाट विकसित किया है. लोगों में काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग आ चुके हैं. हमारा अनुमान है कि आज मौनी अमावस्या के अवसर पर लगभग 3 से 3.5 करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे.'
कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के मुताबिक, स्नान पर्व की तैयारी पूरी है. स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और गोताखोर तैनात किए हैं. मेले में पुलिस, पीएसी, आर ए एफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो के साथ ही खुफिया एजेंसियां तैनात है. पुलिस कमिश्नर के मुताबिक चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है.
मेला क्षेत्र की सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है. संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है.
माघ मेले में लगाए गए ट्रेनी कांस्टेबल्स को श्रद्धालुओं से कैसे बर्ताव करना सिखाया जा रहा है.
स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब शनिवार से ही उमड़ पड़ा था. अधिकारियों ने बताया कि 45 दिवसीय माघ मेला उत्सव के तहत शनिवार को त्रिवेणी संगम पर गंगा नदी में लगभग 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया.