मझवा उपचुनाव: टिकट बंटवारे के बाद निषाद पार्टी में बगावत शुरू, सजंय निषाद पर धोखा देने का आरोप

उत्तर प्रदेश के मझवा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के टिकट घोषणा के बाद निषाद पार्टी में बगावत शुरू हो गयी है. निषाद पार्टी से टिकट की दावेदार पुष्पलता बिंद और उनके पति हरिशंकर बिंद ने बगावती रूख दिखाते हुए निषाद पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष सजंय निषाद पर धोखा देने का आरोप लगाया.

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संजय निषाद (फाइल फोटो) संजय निषाद (फाइल फोटो)

सुरेश कुमार सिंह

  • मझवा,
  • 25 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 8:10 PM IST

उत्तर प्रदेश के मझवा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के टिकट घोषणा के बाद निषाद पार्टी में बगावत शुरू हो गयी है. निषाद पार्टी से टिकट की दावेदार पुष्पलता बिंद और उनके पति हरिशंकर बिंद ने बगावती रूख दिखाते हुए निषाद पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष सजंय निषाद पर धोखा देने का आरोप लगाया.

टिकट काटने का आरोप
निषाद पार्टी नेता हरिशंकर बिंद और उनकी पत्नी पुष्पलता बिंद ने संजय निषाद पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद मुझे संजय निषाद ने दिल्ली बुलाया और पार्टी में शामिल होने के लिए कहा. तीन दिनों बाद लखनऊ में पांच लाख देकर पार्टी में शामिल हुआ. मुझे टिकट देने का आश्वसन दिया गया था. 23 तारीख को मुझे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मेरा टिकट फाइनल हो गया है. सुबह सुचिस्मिता मौर्य को टिकट दे दिया. इन्होंने मेरे साथ छल किया है. केशव प्रसाद मौर्य और संजय निषाद के बीच डील हुई. इसके बाद मेरा टिकट काट दिया गया.

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उन्होंने कहा कि सजंय निषाद का चेहरा डबल है. उनका एक ही लक्ष्य है कि परिवार का कैसे भला हो. संजय निषाद ने हमारा सौदा किया है. अपनी बहू आरती को निगम का अध्यक्ष बनाने के लिए मुझे बेचा गया है. निषाद पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष संजय निषाद ने अंतिम समय तक मुझे टिकट देने का भरोसा दिया था. टिकट की घोषणा के बाद अब संजय निषाद और उनकी पार्टी के पदाधिकारी फोन नही उठा रहे हैं. निषाद पार्टी से बगावत करते हुए दोनो ने इस्तीफा दे दिया है.

शुक्रवार को निषाद पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि उनकी पार्टी उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों को खुले मन से समर्थन करेगी. संजय निषाद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि हम उपचुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि हमें सीट नहीं जीत चाहिए. दो सीटें नहीं मिलने पर संजय निषाद ने कहा कि कभी-कभी परिस्तिथियों के हिसाब से काम करना पड़ता है.

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सीट नहीं, जीत चाहिए- निषाद
संजय निषाद ने कहा, 'मेरी हमेशा एक विचारधारा रही है कि हमें हमें सीट नहीं जीत चाहिए और हम उस जीत के सहारे में समाज को बहुत कुछ दे सकते हैं. उस जीत की देन रही है कि 2017 में मैं चुनाव लड़ा था और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा-बसपा को हटना पड़ा, जो कि एक इतिहास था. इसके बाद आपने 2018, 19 फिर 2024 और 24 में भी ऐतिहासिक जीत आपने देखी.'

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