उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की सिसवा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र कुमार गुप्ता को शासन ने निलंबित कर दिया है. उन पर हुई यह कार्रवाई सिसवा विधायक द्वारा विधानसभा में प्रश्न पूछे जाने के बाद हुई है. विधायक ने विधानसभा सत्र के नियम 51 में प्रश्न उठाया जिसके बाद शासन ने जिलाधिकारी से जांच कराया और आरोप सत्य पाए जाने पर ईओ को सस्पेंड कर दिया गया.
दरअसल, सिसवा नगर पालिका में शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सिसवा नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला जायसवाल द्वारा अपने चौकीदार पति का नियम विरुद्ध प्रमोशन और नगर पालिका में किये गए भ्रष्टाचार के बाद कार्रवाईयों का जो दौर शुरू हुआ वो थमने का नाम नहीं ले रहा है. पहले तत्कालीन ईओ रामदुलार यादव नगर पालिका अध्यक्ष का साथ देने के आरोप में सस्पेंड हुए फिर नगर पालिका अध्यक्ष का पॉवर शासन ने सीज किया और फिर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को ईओ ने सस्पेंड कर दिया.
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अब विधायक द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान नियम 51 में प्रश्न पूछे जाने के बाद शासन ने सिसवा नगर पालिका में तैनात अधिशासी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है. निलंबन की कार्रवाई के बाद सिसवा नगर पालिका एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.
दरअसल, नगर पालिका अध्यक्ष का पॉवर सीज के मामले में उच्च न्यायालय में रिट दाखिल है. सिसवा नगर पालिका को अपना काउंटर दाखिल करना था. नगर पालिका के प्रशासक ने अधिशासी अधिकारी को बीते 19 जुलाई को काउंटर लगाने का लिखित आदेश भी दिया था.
सिसवा विधायक के मुताबिक, अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र गुप्ता ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए काउंटर सरकार के पक्ष में दाखिल नहीं किया, उसी आदेश में प्रशासन ने ईओ को दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया. आरोप है कि अधिशासी अधिकारी ने सरकार का पक्ष नहीं लेकर विपक्ष का पक्ष सरकार के खिलाफ रख दिया.
आरोप यह भी है कि अधिशासी अधिकारी ने मनमाने ढंग से चतुर्थ श्रेणी कर्मी अनिल गुप्ता को सरकार के खिलाफ पैरोकारी करने के लिए उच्च न्यायालय भेज दिया. इसको लेकर आपत्ति हुई तो ईओ ने तत्काल प्रभाव से 8 जुलाई को चतुर्थ श्रेणी कर्मी को निलंबित कर दिया. बाद में निलंबन का आदेश वापस भी ले लिया. फिर चतुर्थ श्रेणी कर्मी को पैरोकारी के लिए उच्च न्यायालय भेजा. दोबारा उसका निलंबन कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
इस मामले में सिसवा विधायक ने नियम 51 के तहत सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्रकरण की जांच जिलाधिकारी से कराकर न्यायोचित कार्यवाही की मांग की थी. जांच के बाद नगर निकाय निदेशालय के निदेशक अनुज कुमार झा ने 30 जुलाई को सिसवा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र गुप्ता को उच्चाधिकारियों के दिए गए निर्देशों का पालन में रुचि न लेकर नियम विरुद्ध कार्यप्रणाली अपनाते हुए मनमाने ढंग से कार्य के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया.
निलंबन अवधि में अधिशासी अधिकारी को जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है. शासन ने विभागीय कार्रवाई के संचालन के लिए नगर निकाय निदेशालय के सहायक निदेशक अजय कुमार त्रिपाठी को जांच अधिकारी नामित किया गया है जो प्रकरण की जांच करेंगे.
मामले में जिलाधिकारी अनुनय झा ने कहा कि सिसवा नगर पालिका अध्यक्ष का पॉवर सीज होने के बाद न.पा.अध्यक्ष ने न्यायालय में वाद दाखिल किया है. इस मामले में ईओ को नगर पालिका की ओर से अपना पक्ष रखना था लेकिन अधिशासी अधिकारी ने अपने स्थान पर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को भेजते हुए अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही की है.
अमितेश त्रिपाठी