वित्त विभाग से रिटायर्ड बुर्जुर्ग से ठगे 90 लाख, 25 दिनों तक रखा था डिजिटल अरेस्ट

लखनऊ में साइबर ठगों ने वित्त विभाग से रिटायर्ड 73 वर्षीय अधिकारी को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर करीब 90 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम सेल का अधिकारी बताकर 25 दिन तक तथाकथित डिजिटल अरेस्ट में रखा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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लखनऊ में वित्त विभाग से रिटायर्ड बुर्जुर्ग से 90 लाख की ठगी (Photo: Representational image) लखनऊ में वित्त विभाग से रिटायर्ड बुर्जुर्ग से 90 लाख की ठगी (Photo: Representational image)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में साइबर जालसाजों ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग से रिटायर्ड 73 वर्षीय अफसर अमरजीत सिंह को बड़ी ठगी का शिकार बना लिया. ठगों ने उनको मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर 25 दिन तक तथाकथित 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा और उनसे करीब 90 लाख रुपये की ठगी कर ली. जालसाजों ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम सेल का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए डराया और गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी दी. 

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उन्होंने अमरजीत सिंह को बताया कि उनके खिलाफ मुंबई के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज है और जांच के नाम पर एक करोड़ रुपये ट्रांसफर करने होंगे, जो बाद में लौटा दिए जाएंगे. डर के चलते बुजुर्ग अफसर ने यूपीआई, आरटीजीएस और एफडी तुड़वाकर अलग-अलग खातों में करीब 90 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. विरोध करने पर पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई और वॉट्सऐप पर कोर्ट का फर्जी वारंट भी भेजा गया.

पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम कई राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई. आशंका है कि इनमें से अधिकतर खाते ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं. फिलहाल पुलिस ने जालसाजों के खातों में मौजूद 15 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं, जबकि अन्य खातों की गहन जांच जारी है.

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साइबर थाना इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि अमरजीत सिंह कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी सेक्टर-जी के निवासी हैं और उनके बेटे अमरप्रीत सिंह बेंगलुरु में नौकरी करते हैं. 25 दिसंबर को बेटे को पिता की घबराहट पर शक हुआ, पूछताछ के बाद पूरी सच्चाई सामने आई और फिर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी डिजिटल अरेस्ट या वीडियो कॉल धमकी से सावधान रहें और तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें.

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