केदारनाथ हादसा: बड़े-बड़े पत्थर गिरे, सैलाब आया और बह गए गाजियाबाद के 4 दोस्त... पांचवें को खच्चर वाले ने बचाया

Kedarnath: हादसे में बचे युवक ने बताया कि हम पांच लोग हरिद्वार के रास्ते केदारनाथ पहुंचे थे, जहां अचानक मोटे-मोटे पत्थर गिरे, फिर बादल फटने के बाद आए सैलाब में चार लोग बह गए. लापता हुए दोस्तों के परिवार को घटना की सूचना दे दी है, परिजन बेहद परेशान और मायूस हैं. 

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केदारनाथ हादसे के बाद रेस्क्यू करती टीम (PTI) केदारनाथ हादसे के बाद रेस्क्यू करती टीम (PTI)

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद ,
  • 02 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

केदारनाथ में बादल फटने की घटना में यूपी के गाजियाबाद निवासी चार युवक लापता है. ये चारों जिले के खोड़ा इलाके के रहने वाले थे. उनके साथ गए पांचवें दोस्त ने घटना के बारे में जानकारी दी है. खुशकिस्मती से वह हादसे में बच गया. उसे खच्चर वाले द्वारा रेस्क्यू किया गया. उसने बताया कि हम पांच लोग हरिद्वार के रास्ते केदारनाथ पहुंचे थे, जहां अचानक मोटे-मोटे पत्थर गिरे, फिर बादल फटने के बाद आए सैलाब में चार लोग बह गए. लापता हुए युवकों के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है, परिजन बेहद परेशान और मायूस हैं. 

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों गाजियाबाद से 5 युवक केदारनाथ के लिए गये थे जिनमें से 4 युवक बादल फटने की घटना के बाद से लापता हैं. साथ गए एक युवक सचिन द्वारा यह सूचना लापता युवकों के परिवार को दी गई, जिसके बाद से लापता युवकों के परिवार की हालत बेहद खराब है और किसी अनहोनी की आशंका में उनके परिवार डरे सहमे हुए हैं. 

ये भी पढ़ें- केदारनाथ यात्रा रोकी गई, 3300 श्रद्धालुओं का रेस्क्यू... उत्तराखंड में अब तक 14 लोगों की मौत

लापता चार युवकों में सुमित शुक्ला, कृष्णा पटेल, मन्नू, चिराग का अभी कोई सुराग नहीं मिला है. लापता युवकों में एक सुमित के माता-पिता के अनुसार, उन्हें बेटे के साथ गए सचिन ने घटना की जानकारी दी है कि बादल फटने के बाद आए सैलाब के तेज बहाव में वो बह गया है. जबकि, सूचना देने वाले युवक सचिन को सुबह बचाव टीम द्वारा रेस्क्यू कर लिया गया. 

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गाजियाबाद के दोस्त

वहीं, लापता सुमित के परिवार के अनुसार उनका बेटा और उसके साथ के चार अन्य युवक हरिद्वार से जल लाने की बात कह कर गए थे. लेकिन उनके बेटे ने बाद में फोन कर उन्हें बताया कि वह केदारनाथ जा रहे हैं और उन्होंने कार को पार्किंग में खड़ा किया है. लापता सुमित ने जब अंतिम बार अपने मां को फोन किया था तो उसने बताया था कि वह केदारनाथ से 7 किलोमीटर की दूरी पर है और पैदल चढ़ाई कर रहा है, जिसके बाद उसका फोन कट गया था और मोबाइल उसके बाद से ही स्विच ऑफ हो गया. 

सुमित के साथ गए युवक सचिन ने बीते दिन सुबह फोन कर घटना की जानकारी और युवाओं के गायब होने की सूचना उनके परिवार को दी. बताया जा रहा है कि हादसे के समय खच्चर वाले ने सचिन का हाथ पकड़कर उसे बचा लिया था और बाद में रेस्क्यू टीम ने उसे सही जगह पहुंचाया. 

केदारनाथ यात्रा रुकी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

गौरतलब है कि उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने से तबाही मची है. टिहरी से लेकर केदारनाथ तक हर जगह तबाही के निशान देखे जा सकते हैं.राज्य के विभिन्न स्थानों पर पिछले दो दिनों में बारिश संबंधी घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गयी और 10 अन्य घायल हो गए, टिहरी के जिस नौताड़ इलाके और केदारनाथ में भी बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है.

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भारी बारिश के बाद केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है और बड़ी संख्या में ज्यादा लोग फंसे हैं. रात के समय भी रेस्क्यू अभियान रहा जारी रहा और एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया. अभी तक हेलिकॉप्टर और पैदल चलाए गए रेस्क्यू अभियान में 4000 से अधिक भक्तों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.

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