साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताकर एक रिटायर्ड शिक्षिका से 1.57 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली. पीड़िता एलिसन वीम्स की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताया. धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद एक अन्य शख्स ने उनसे संपर्क किया और खुद को एलन मस्क का सहयोगी 'जॉश टर्नर' बताया.
स्कूल खोलने और भारी मुनाफा का झांसा
ठगों ने शिक्षिका को कानपुर में स्कूल खोलने और निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया. जब पीड़िता को संदेह हुआ तो आरोपियों ने नया जाल बिछाया. उन्होंने खुद को 'मिरेकल गिवर्स', 'लीड इंडिया' और 'साइबर रिपोर्टिंग असिस्टेंस' से जुड़ा बताते हुए वकील अशोक सुरेश के नाम पर पैसे वापस दिलाने का भरोसा दिया. इसके बाद टैक्स, कन्वर्जन फीस, स्टांप ड्यूटी और क्लियरेंस चार्ज के नाम पर लगातार रकम वसूली जाती रही.
ठगों ने पीड़िता को यह भी झांसा दिया कि उनकी रकम फेडेक्स के एक पार्सल में है, जिसे छुड़ाने के लिए भारी-भरकम टैक्स देना होगा. साथ ही एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल 'विजडम कैपिटल' पर उनके नाम करीब 2.23 करोड़ रुपये की राशि दिखाकर उसे निकालने के लिए रीबैलेंसिंग फीस और अन्य शुल्क वसूले गए.
इस पूरे जाल में फंसकर शिक्षिका ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी, पीएफ और बचत के पैसे आरोपियों द्वारा बताए गए पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. 27 फरवरी 2026 को पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद करीब 30.42 लाख की राशि होल्ड कराई जा सकी.
मामले की जानकारी देते हुए एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि रिटायर्ड शिक्षिका की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर अलग-अलग भूमिकाओं में संपर्क कर महिला को ठगी का शिकार बनाया. पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है. ताकि पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
सिमर चावला