राजेश बोथरा गिरफ्तार: PNB के ₹31.60 करोड़ बैंक फ्रॉड केस में CBI की कार्रवाई

CBI का आरोप है कि बोथरा ने फ्रॉस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड एनर्जी (FIEL) और उसके निदेशकों के साथ साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई. एजेंसी के अनुसार उन्होंने FIEL और M/s FAREAST व M/s Gulf Distribution Ltd के बीच कथित खरीद-बिक्री दिखाने वाले फर्जी/जाली बिल्स ऑफ लैडिंग उपलब्ध कराए.

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सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार किया है (Photo- Representational) सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार किया है (Photo- Representational)

सिमर चावला

  • कानपुर,
  • 23 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:37 PM IST

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ₹31.60 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड मामले में CBI ने सिंगापुर निवासी राजेश बोथरा को गिरफ्तार किया है. CBI के मुताबिक, भारत आने की सूचना मिलने पर उन्हें 13 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल अंदाज़ और हयात रेजीडेंसेज़ से पकड़ा गया.

CBI का आरोप है कि बोथरा ने फ्रॉस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड एनर्जी (FIEL) और उसके निदेशकों के साथ साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई. एजेंसी के अनुसार उन्होंने FIEL और M/s FAREAST व M/s Gulf Distribution Ltd के बीच कथित खरीद-बिक्री दिखाने वाले फर्जी/जाली बिल्स ऑफ लैडिंग उपलब्ध कराए. ये बिल FIEL ने बैंक में जमा किए, जिससे लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की रकम निकालने में मदद मिली और PNB (पूर्ववर्ती ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स) को लगभग ₹32 करोड़ का गलत नुकसान हुआ. CBI का दावा है कि FAREAST और Gulf Distribution वास्तव में बोथरा द्वारा नियंत्रित और संचालित थीं, और दिखाए गए लेन-देन के अनुरूप कोई वास्तविक कारोबार या माल की आवाजाही नहीं हुई.

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PNB की शिकायत पर दर्ज हुआ केस

यह कार्रवाई CBI की FIR (RC0062024A0032) के तहत हुई, जो PNB, कानपुर के चीफ मैनेजर दुर्गेश कुमार तिवारी की 11 नवंबर 2024 की शिकायत पर 3 दिसंबर 2024 को दर्ज की गई. शिकायत FIEL, उसके प्रमोटर-निदेशक उदय जयंत देसाई, सुनील वर्मा और अनूप कुमार वधेरा तथा अज्ञात निजी व्यक्तियों और लोक सेवकों के खिलाफ है.  FIR में बोथरा का नाम नहीं है.

बैंक के अनुसार, 2013 से 2017 के बीच FIEL को फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट (FLC) सीमाएं दी गईं, जिनके बदले कोई अचल संपत्ति गिरवी नहीं थी, सिर्फ तीनों निदेशकों की निजी गारंटी और मार्जिन था.

बैंक का आरोप है कि LC चक्र टूटने पर निर्यात की रकम नहीं आई और LC खाते में डिवॉल्व होते गए.

खाता 7 अगस्त 2018 को NPA हुआ और 15 मार्च 2024 को फ्रॉड घोषित किया गया, फ्रॉड राशि ₹31.60 करोड़ दर्ज है.

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शिकायत में यह भी कहा गया कि कंपनी ने "सेल्फ-हाउस जनरेटेड" बिल्स ऑफ लैडिंग दिए, जो एक फॉरवर्डर कंपनी ने बनाए थे, और कुछ इनवॉइस शिपिंग की तारीख के बाद की थीं. इनकी असलियत सत्यापित नहीं हो सकी.

लीड बैंक बैंक ऑफ इंडिया के फोरेंसिक ऑडिट में फंड डायवर्जन और जहाज़ मूवमेंट से मेल न खाने वाले लेन-देन मिलने की बात भी दर्ज है.मामला DRT इलाहाबाद में भी लंबित है.

CBI के अनुसार, बोथरा CBI, ACB लखनऊ के कुछ अन्य मामलों में आरोपपत्रित हैं, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए और ट्रायल के दौरान अदालत में हाज़िर नहीं हुए. उन्हें 14 नवंबर 2025 को संबंधित ट्रायल कोर्ट में पेश किया जाना था. CBI का कहना है कि गिरफ्तारी से मामले की जांच में उनकी पूछताछ और चार्जशीटेड मामलों में ट्रायल के लिए उनकी मौजूदगी सुनिश्चित होगी.

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