UP के महोबा जिले में आजतक की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. यहां एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को दूध में पानी मिलाकर दिए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. दूध में पानी मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया. जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
एसडीएम और बीएसए की संयुक्त टीम ने स्कूल पहुंचकर विभागीय जांच शुरू कर दी. अधिकारियों ने नाराज अभिभावकों से बातचीत की और उन्हें बेहतर शिक्षा व पौष्टिक आहार का भरोसा दिलाया.
प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी मौके पर थीं मौजूद
उत्तर प्रदेश सरकार जहां परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाला पोषण और शिक्षा देने का दावा कर रही है, वहीं महोबा के कबरई विकासखंड के ढिकवाहा गांव के प्राथमिक विद्यालय से सामने आई तस्वीरों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो में देखा गया कि रसोइया बच्चों के लिए आए दूध में खुलेआम पानी मिला रही है. हैरानी की बात यह रही कि प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी मौके पर मौजूद थीं और उनकी जानकारी में यह सब हो रहा था.
विद्यालय का निरीक्षण किया गया
खंड शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच में भी स्पष्ट हुआ कि यह काम प्रधानाध्यापिका की जानकारी में किया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल सख्त निर्देश दिए. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा और सदर एसडीएम ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. टीम ने बच्चों और अभिभावकों से विस्तार से बातचीत की. ग्रामीणों में घटना को लेकर काफी आक्रोश था, जिन्हें निष्पक्ष जांच और बेहतर व्यवस्था का आश्वासन देकर शांत कराया गया.
रसोइयों की भूमिका की जांच
बीएसए राहुल मिश्रा ने कहा कि बच्चों के पोषण और शिक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है और रसोइयों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए पोषण आहार और शिक्षा व्यवस्था की सख्त निगरानी की जाएगी. प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
नाहिद अंसारी