उत्तर प्रदेश के कानपुर में पतियों द्वारा पत्नियों की हत्या के मामलों में इजाफा देखने को मिला है. जिले के साकेत नगर में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी पत्नी की जहर देकर हत्या कर दी. मृतका के पिता भरत लाल पांडे ने बताया कि उन्होंने डेढ़ साल पहले बड़ी धूमधाम से बेटी की शादी की थी. लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल में बेटी के साथ दहेज के लिए मारपीट करने लगे थे. मंगलवार को बेटी ने मरने से पहले अपने भाई को संदेश भेजा, जिसमें उसने अपने दर्द के बारे में बताया था. साथ ही उसने पति व ससुराल वालों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की थी.
मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एडीसीपी मनोज पांडे ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. लेकिन कानपुर में पिछले दो महीनों में इस तरह की पांच घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें पतियों ने मामूली विवादों पर अपनी पत्नियों की हत्या कर दी.
शादीशुदा महिलाओं की हत्या के मामलों में इजाफा
9 अगस्त को, सुरेश नाम के शख्स ने शक के चलते अपनी पत्नी सुनीता की हत्या कर दी.
9 सितंबर को शिवराजपुर में, संदीप ने मीट के विवाद में अपनी पत्नी रोशनी की गला दबाकर हत्या कर दी.
4 अक्टूबर को सीसामऊ इलाके में, अमन ने प्रेम विवाह करने के बाद पत्नी की चाकू से हत्या कर दी, क्योंकि वह मायके में रह रही थी.
7 अक्टूबर को गल्ला व्यापारी हरिशंकर ने अपनी पत्नी पूजा को 12 वर्षीय बेटे के साथ मिलकर पत्थर से कुचलकर मार डाला, क्योंकि उसे उसकी मोबाइल पर बात करना पसंद नहीं था.
अब ताजा घटना में उदय नाम के युवक ने अपनी पत्नी लकी की जान ले ली. यह चिंताजनक है कि हत्याएं करने वाले पतियों में सिर्फ आम लोग नहीं, बल्कि व्यापारियों, इंजीनियरों और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
कानपुर में महिलाओं के लिए यह गंभीर चिंता का विषय बन गया है कि जरा-जरा सी बातों पर अगर उनके पति इस हद तक जा सकते हैं, तो उनकी जिंदगी कितनी असुरक्षित है.
रंजय सिंह