उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सैंड आर्ट से चंद्रयान-3 बनाकर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस के अनोखे अंदाज में बधाई दी है. सैंड आर्ट बनाने वाले छात्र ने तिरंगे कलर में चंद्रयान-3 की प्रतिकृति बनाई है. सैंड आर्ट बनाने वाले छात्र अजय का कहना है कि हमारा देश पहले से आजाद है. अगर, चंद्रयान-3 पूरी तरह से सफल होता है, तो हमारा देश विश्व में सबसे सर्वश्रेष्ठ हो जाएगा.
बता दें कि इसरो (ISRO) ने Chandrayaan-3 को चांद के चौथे ऑर्बिट में पहुंचा दिया है. अब चंद्रयान 150 km x 177 km वाली लगभग गोलाकार कक्षा में घूम रहा है. इसरो ने 14 अगस्त की सुबह करीब पौने बारह बजे चंद्रयान-3 के थ्रस्टर्स को ऑन किया था. इंजन को करीब 18 मिनट के लिए ऑन किया गया था. 5 अगस्त को चंद्रयान-3 चांद की पहली ऑर्बिट में पहुंचा था.
20 अगस्त को चंद्रयान-3 होगी डीऑर्बिटिंग
20 अगस्त को चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल रात पौने दो बजे डीऑर्बिटिंग होगी. 23 अगस्त को लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड करेगा. सबकुछ सही रहा, तो पौने छह बजे के करीब लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा. ISRO के बेंगलुरु में मौजूद सेंटर टेलिमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (ISTRAC) के मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (MOX) से लगातार चंद्रयान-3 की सेहत पर नजर रखी जा रही है.
पूरी कर ली गई है सूर्य मिशन की तैयारी
वहीं, भारत की नजर अब सूरज पर है. चंद्रमा पर तीसरा चंद्रयान भेजने के बाद अब सूर्य मिशन की तैयारी पूरी कर ली गई है. बेंगलुरु के URSC में आदित्य-एल1 (Aditya-L1) सैटेलाइट को बनाकर श्रीहरिकोटा भेजा गया है. आदित्य-एल1 मिशन सतीश धवन स्पेस सेंटर में रखा गया है. यहां पर अब इसे रॉकेट में लगाया जाएगा. जल्द ही हमें आदित्य-एल1 मिशन के लॉन्चिंग की खबर मिल सकती है. लोग आदित्य-एल1 को सूर्ययान (Suryayaan) भी बुला रहे हैं.
पंकज श्रीवास्तव