Uttar Pradesh News: बाराबंकी के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे के बारा टोल प्लाजा पर गुरुवार को सैकड़ों अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया. यह विरोध बुधवार को हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई मारपीट के जवाब में हुआ. वकीलों ने गुस्से में आकर टोल के सभी बूम बैरियर तोड़ दिए और वाहनों का आवागमन पूरी तरह निशुल्क कर दिया. मौके पर स्थिति संभालने के लिए एसडीएम और सीओ को मोर्चा संभालना पड़ा. पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए टोल मैनेजर जगभान सिंह और अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
फास्टैग विवाद में अधिवक्ता की पिटाई
घटना की शुरुआत बुधवार को हुई जब प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला लखनऊ जा रहे थे बारा टोल प्लाजा पर फास्टैग बैलेंस खत्म होने को लेकर उनकी टोल कर्मियों से बहस हो गई. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर टोल पर तैनात बाउंसरों और कर्मचारियों ने अधिवक्ता को बेरहमी से पीट दिया.
इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद हैदरगढ़ तहसील बार के वकील लामबंद हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
वकीलों का उग्र प्रदर्शन और टोल फ्री
गुरुवार को बड़ी संख्या में वकील बारा टोल प्लाजा पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी. वकीलों का उग्र रूप देखकर वहां तैनात टोल कर्मी मौके से भाग निकले. प्रदर्शनकारियों ने टोल के बैरियर उखाड़ फेंके और हाईवे को टोल फ्री कर दिया. इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर वकीलों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया. घंटों तक चले इस हंगामे के कारण हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
पुलिस की कार्रवाई और एसपी का बयान
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ. एसडीएम और सीओ ने वकीलों को समझाने की कोशिश की. पुलिस ने चार नामजद और दस अज्ञात कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर टोल मैनेजर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
बाराबंकी के पुलिस कप्तान अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तारी के बाद वकीलों का गुस्सा शांत हुआ और आवागमन सामान्य हो सका.
सैयद रेहान मुस्तफ़ा